शाहजहांपुर। छेड़छाड़ के विरोध पर घर में घुसकर युवती को जिंदा जलाने के मामले में कोर्ट ने अभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय किरन पाल सिंह की अदालत ने दिया।
युवती के पिता ने थाना रोजा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी बेटी 12 अप्रैल 2015 को शाम छह बजे खेत पर शौच करने गई थी। रास्ते में गांव भावलखेड़ा निवासी योगेश ने उसे पकड़ लिया और छेड़छाड़ की। लोकलाज की वजह से उन लोगों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। अगले दिन 13 अप्रैल को युवती अपनी छोटी बहन के साथ घर में थी और वह खेत पर गए थे। वहां सूचना मिली कि बड़ी बेटी आग से झुलस गई है। वह घर पहुंचे और बेटी को जिला अस्पताल लेकर गए, जहां उसने दम तोड़ दिया। मृत्यु पूर्व बयान में बेटी ने बताया कि छेड़छाड़ के विरोध पर योगेश ने मिट्टी का तेल डालकर उसे जलाया है। रोजा पुलिस ने विवेचना कर योगेश के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत में सरकारी वकील विनोद कुमार शुक्ला ने दस गवाहों को पेश किया। उनके तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त योगेश को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।