शाहजहांपुर। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मुकदमे की सुनवाई करते हुए दोष सिद्ध होने पर पति को आठ वर्ष की कैद और 15 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
पीलीभीत के थाना माधोटांडा क्षेत्र के गांव कलीनगर निवासी बनवारीलाल ने अपनी बेटी रूपा देवी की शादी 24 नवंबर 2004 को बंडा क्षेत्र के गांव महोलिया दौलतपुर निवासी कुंवरपाल के साथ की थी। ससुराल वाले और दहेज की मांग को लेकर रूपा से मारपीट करने लगे। 19 अप्रैल 2013 को सूचना मिली कि रूपा गंभीर रूप से जल गई है। पिता बनवारी को बेटी जिला अस्पताल में मृत अवस्था में मिली। पीड़ित पिता की ओर से मामले की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना उपरांत पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप पत्र न्यायालय भेजा। जहां मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और सरकारी वकील विनोद कुमार शुक्ल के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।