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डीएम और एसडीएम को आदेश की अवमानना पर हाईकोर्ट का नोटिस

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पुवायां (शाहजहांपुर)। खुटार के गांव रामपुर कलां में खलिहान की भूमि पर अवैध कब्जा हटवाने संबंधी आदेश की अवमानना पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम और एसडीएम पुवायां को नोटिस भेजकर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
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गांव में खुटार-पुवायां मार्ग पर हाईवे के किनारे खलिहान की भूमि है। इस पर सात लोगों ने कब्जा कर रखा था। गांव के रामगोपाल ने अधिकारियों से शिकायत कर अवैध कब्जे हटवाने की मांग की थी। इस मामले में शिकायतकर्ता रामगोपाल का घर राजस्व टीम ने गिरवा दिया था, लेकिन अन्य पर कोई कार्रवाई नहीं की। जांच में तत्कालीन लेखपाल विजय वर्मा की लापरवाही पाए जाने पर उनको निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में राजस्व विभाग की ओर से खलिहान पर कब्जा करने के आरोप में राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत रामकुमार, छत्रपाल, रामकिशोर, शिवकुमार गुप्ता, सोनपाल, नीरज दीक्षित और रामगोपाल के खिलाफ तहसीलदार न्यायालय में वाद दायर किया था।
रामगोपाल ने 14 जनवरी 2019 को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर खलिहान से अवैध कब्जे हटवाने की मांग की थी। 24 जनवरी को हाईकोर्ट ने राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत अतिक्रमित भूमि को एक माह में कब्जा मुक्त करने का आदेश दिया था। लेकिन यथोचित कार्रवाई न होने पर 23 मई 2019 को रामगोपाल ने कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की, जिस पर कोर्ट ने पुवायां प्रशासन से जवाब मांगा। 13 जुलाई 2019 को एसडीएम ने हाईकोर्ट को अपना जवाब भेजा कि अवैध कब्जेदारों पर जुर्माना और बेदखली की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। कोई अवमानना नहीं की गई है। एसडीएम ने हाईकोर्ट को भेजे जवाब में यह भी लिखा कि खलिहान के गाटा को कब्जामुक्त करा दिया गया है, जबकि मौके पर कोई भी अवैध कब्जा नहीं हटवाया गया और जुर्माना भी नहीं वसूला गया। इस पर रामगोपाल ने फिर से हाईकोर्ट की शरण लेकर डीएम और एसडीएम को पार्टी बनाते हुए अवमानना याचिका दायर की। इस पर हाईकोर्ट ने 28 जनवरी को डीएम और अन्य को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है कि क्यों न अवमानना की कार्रवाई की जाए।
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