शाहजहांपुर। यूरिया मिलाकर शराब बनाने के मामले में प्रथम फास्ट ट्रैक के अपर जिला जज मोहम्मद कमर ने दो दोषियों को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सरकारी वकील संजीव कुमार सिंह और उमेश चंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि 15 नवंबर, 2011 को वादी रोजा थाने के सब इंस्पेक्टर विनय कुमार फोर्स के साथ गश्त पर थे। मुखबिर की सूचना पर उन्होंने हथौड़ा स्टेडियम के उत्तर वाली दीवार की ओर रेलवे लाइन के पास दो पीपे में यूरिया मिले रहे दो लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम गोकरण निवासी ग्राम हथौड़ा बुजुर्ग, विष्णु निवासी ग्राम हथौड़िया बताया।
बताया कि अवैध शराब में यूरिया मिलाकर अधिक नशीला बनाते हैं। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने गोकरण और विष्णु को दोषी पाते हुए उन्हें सात-सात वर्ष के कारावास और छह-छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। संवाद