शाहजहांपुर। चौक कोतवाली क्षेत्र के अस्पताल से गायब हुई बच्ची का डीएनए परीक्षण कराने के लिए हरी झंडी मिल गई है। विवेचक के आवेदन पर न्यायालय ने अनुमति दे दी। पुलिस बच्ची और उसके लिए दावा पेश करने वाली महिला का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेगी।
एक मोहल्ले निवासी महिला को 29 जनवरी 2022 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि प्रसव के बाद रिश्तेदार बनकर आए एक व्यक्ति ने अपने साथियों के उनकी बच्ची को चोरी कर लिया। हालत में सुधार होने के बाद उन्होंने बच्ची की तलाश शुरू की। सुराग मिलने पर वह धर्मपाल के घर पर बच्ची लेने गईं तो वहां से भगा दिया। पीड़ित ने धर्मपाल, रितेश, गुड्डू, ब्रजेश, अरविंद समेत सात लोगों पर बच्ची चोरी का केस दर्ज कराया था। वहीं दूसरी तरफ धर्मपाल ने बच्ची कूड़े के ढेर में मिलने की बात कही थी। धर्मपाल ने दूसरे पक्ष पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था। पुलिस ने दोनों पक्षों का केस दर्ज किया। इसके बाद बाल कल्याण समिति के सामने बच्ची को पेश किया। यहां से उसे शिशु केंद्र लखीमपुर भेज दिया गया। कई दिन के बाद पीड़िता ने अपना दावा पेश किया था। बच्ची की असली मां का पता लगाने के लिए पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी कर ली थी। मंगलवार को कचहरी खुलने के बाद विवेचक सीओ सिटी अखंड प्रताप सिंह की ओर से डीएनए परीक्षण के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया। कोर्ट ने सहमति दे दी है।
डीएनए परीक्षण के लिए कोर्ट से अनुमति मिल गई। बच्ची व महिला का ब्लड का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ लैब में भेजा जाएगा। - अखंड प्रताप सिंह, सीओ सिटी