परिवार संग डीएम कार्यालय के बाहर बैठे पीड़ित मनोज। स्रोत: जागरुक पाठक
शाहजहांपुर। तिलहर के मौजमपुर गांव निवासी दंपती ने शुक्रवार को दो बेटियों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय के पास खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दंपती और उनकी बेटी को पकड़ लिया और उन्हें डीएम कार्यालय ले गए। घटना के बाद कलक्ट्रेट में अफरातफरी मच गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
मनोज अपनी पत्नी सुनीता और दो बेटियों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने खुद, पत्नी सुनीता और बेटी पूनम पर डीजल डाल लिया। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोककर बचाया। एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट रजनीकांत ने परिवार से बातचीत की। इसके बाद उन्हें डीएम के सामने पेश किया गया।
मनोज ने बताया कि उनकी पत्नी सुनीता तिलहर नगर पालिका परिषद में आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं और झाड़ू-पोछा का काम करती हैं। उनका आरोप है कि वेतन में करीब दस हजार रुपये का घपला किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने 25 जून को भी प्रार्थना पत्र दिया था।
सुनीता ने बताया कि उनके ससुर फकीरे लाल तिलहर नगर पालिका में नायब मोहर्रिर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2021 में उनकी मृत्यु हो गई। उनका कहना है कि वसीयत होने के बावजूद ससुर की संपत्ति, वेतन और एरियर का भुगतान नहीं हो सका। मकान की छत गिरने के बाद परिवार बेघर है और करीब पांच वर्षों से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। हालांकि, प्रशासन के अनुसार पिता की मृत्यु के बाद पेंशन ली गई और विभाग को इसकी सूचना नहीं दी गई। नगर पालिका ने नोटिस भी भेजा था।
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परिवार को कांशीराम कॉलोनी में मिलेगा आवास
डीएम ने परिवार की बात सुनकर समझाया कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी के परिजन नौकरी का दावा नहीं कर सकते। कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर ही नियमानुसार आश्रित को नौकरी दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि सुनीता नगर पालिका तिलहर में आउटसोर्सिंग कर्मचारी के रूप में कार्य कर रही हैं। परिवार के रहने की व्यवस्था कांशीराम कॉलोनी तिलहर में कराई जाएगी। साथ ही परिवार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में शामिल कर शीघ्र स्वीकृति पत्र देने का भरोसा दिया।