शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में किशोर और किशोरियों की काउंसलिंग के लिए तैनात काउंसलर मरीजों को इलाज कर रहा था। इस मामले की लगातार शिकायतें मिलने पर प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार और सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुमार ने छापा मारकर काउंसलर आमितोष अवस्थी को पकड़ लिया। अधिकारियों ने उसे पुलिस के हवाले करके कमरा सील करा दिया है। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है।
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किशोर-किशोरियों की काउंसलिंग करने के लिए काउंसलर अमितोष अवस्थी की तैनाती हुई थी। अमितोष मन कक्ष के कमरा नंबर पांच में बैठते थे। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुमार के मुताबिक काउंसलर की मरीजों को दवा लिखने और आयुर्वेदिक दवाओं की बिक्री करने की शिकायत पोर्टल पर की गई थी। बृहस्पतिवार सुबह भी उन्हें शिकायत मिली।
इस पर प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार, सीएमएस डॉ. शैलेंद्र दो डॉक्टरों की टीम के साथ जांच करने पहुंचे। अधिकारियों को देखने के बाद भी अमितोष का आत्मविश्वास कायम रहा। उससे पूछताछ की तो परते उधड़ती चली गईं। प्राचार्य को कमरे के अंदर आयुर्वेदिक दवाएं, अवैध पर्चे और रजिस्टर आदि मिले। सभी को सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने काउंसलर अमितोष को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
अल्ट्रासाउंड से लेकर महंगी दवाएं देने का मिला रिकॉर्ड
- काउंसलर को दवा लिखने और आयुर्वेदिक दवाएं देने का अधिकार नहीं है। फिर भी अमितोष के कमरे से 1400 से दो हजार रुपये एमआरपी वाले सीरप मिले हैं। ये सभी महिला स्वास्थ्य से संबंधित हैं। रजिस्टर पर अल्ट्रासाउंड के 350 रुपये और खून की जांच कराने के रुपये तक लिखे थे। मरीजों पर कितने उधार रुपये हैं, वह भी अंकित मिला है। प्राचार्य ने दवाओं, रजिस्टर और कमरे को सील करा दिया है। सीएमएस के अनुसार, रजिस्टर पर कुछ नारकोटिक्स दवाएं भी मिली हैं जो बिना न्यूरो सर्जन के नहीं लिखी जा सकती हैं।
सेवा समाप्त करने के लिए भेजा पत्र
- काउंसलर अमितोष की सेवा समाप्ति के लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया। सीएमएस ने पत्र में स्पष्ट किया कि यह अवैध रूप से काम कर रहे हैं। इसलिए अस्पताल से सेवा समाप्त की जाए।
आशाओं का बना रखा नेटवर्क, रखी थी असिस्टेंट
- अधिकारियों ने बताया कि अमितोष ने आशाओं का नेटवर्क फैला रखा है। आशाएं ही उसके पास महिलाओं को लेकर आतीं थीं। जिनको वह दवा देता था, अल्ट्रासाउंड आदि कराता था। प्राचार्य को एक आशा मौके पर कमरे में मिली, लेकिन वह चली गई। सीएमएस ने बताया कि अमितोष ने एक लड़की को असिस्टेंट के तौर पर रखा था। उससे भी पूछताछ की गई।
- मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी बनाकर रिपोर्ट मांगी गई। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई होगी। फिलहाल मामले में तहरीर नहीं दी गई। - डॉ. शैलेंद्र कुमार, सीएमएस
- 2018 में पुवायां से अस्पताल में ट्रांसफर होकर आए थे। एनएचएम के जरिये हमारी नियुक्ति है। कमरे से मिली दवा की बिक्री नहीं कर रहे थे, बल्कि कुछ लोगों ने हमसे हरदोई से मंगाई थीं। - अमितोष कुमार, काउंसलर
- अभी पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र प्राप्त होने पर नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. पीपी श्रीवास्तव, प्रभारी सीएमओ