पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी एलएलएम की छात्रा ने बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी देकर परीक्षा में बैठने के लिए अनुमति मांगी है।
चूंकि बृहस्पतिवार को सीजेएम अन्य कार्यों में व्यस्त रहे, इसलिए प्रार्थना पत्र अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन परविंदर कुमार की कोर्ट में पेश किया गया, जिसे अपर सिविल जज ने पीठासीन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
छात्रा के वकील कलविंदर सिंह की ओर से सीजेएम कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया कि छात्रा का एलएलएम प्रथम सेमेस्टर का पेपर 25 नवंबर को, द्वितीय सेमेस्टर का पेपर 26, 28, 30 नवंबर को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक है। चूंकि छात्रा न्यायिक अभिरक्षा में है, इसलिए बिना न्यायिक आदेश के परीक्षा में शामिल नहीं हो सकती है।
इसलिए छात्रा को निर्धारित परीक्षा तिथियों पर पुलिस अभिरक्षा में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दिलाने के लिए जिला कारागार को आदेशित किया जाए। चूंकि सीजेएम अन्य कार्य में व्यस्त थे, इसलिए प्रार्थना पत्र अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।
इस पर अपर सिविल जज ने पीठासीन अधिकारी (सीजेएम) के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया। बता दें कि छात्रा फिरौती मांगे जाने के मामले में 25 सितंबर से जिला कारागार में बंद है।
छात्रा के वकील कलविंदर सिंह को सीजेएम कोर्ट से बृहस्पतिवार को चार्जशीट की कॉपी मिल गई है। छात्रा के वकील ने नकल सवाल के द्वारा चार्जशीट की कॉपी के लिए आवेदन किया था।