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शाहजहांपुर : नगर निगम के बाबू ने किया बड़ा खेल

Tue, 15 Sep 2020 11:26 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

  • दाखिल खारिज की फर्जी रसीदें थमाकर हड़प कर ली रकम, निलंबित
  • पीड़ितों के घर नोटिस पहुंचा तो नगर आयुक्त के पास पहुंची शिकायत
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Corruption
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विस्तार
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नगर निगम में जमीन के दाखिल खारिज की फीस जमा करने के नाम पर गबन का मामला सामने आया है। निगम के लिपिक ने फर्जी रसीद बनवाकर दाखिल खारिज कराने वालों से मोटी रकम वसूली ली। इसका खुलासा तब हुआ जब दाखिल फीस जमा न करने का नोटिस पीड़ित के पास पहुंचा। शिकायतों की जांच कराने पर आरोप सही मिले तो नगर आयुक्त ने आरोपी लिपिक को निलंबित कर दिया है। इस मामले की जांच उप नगर आयुक्त को सौंपी गई है।

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दाखिल खारिज और नामांतरण में नगर निगम जोनल कार्यालय के बाबू मलाई काट रहे हैं। यहां रजिस्ट्री के आधार पर अलग-अलग रेट हैं। पांच लाख की रजिस्ट्री होने पर एक हजार, दस लाख पर दो हजार, 15 लाख में तीन हजार और 20 लाख या फिर उससे ऊपर हुई तो चार हजार रुपया बतौर फीस ली जाती है। दाखिल खारिज के नाम पर नगर निगम में चल रहा खेल बानगी मात्र है। ऐसे ही कई केस जांच करने के बाद मिल जाएंगे। मगर इन पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था।

अब आरोप है कि नगर निगम के लिपिक सक्षम यादव ने फर्जी रसीदें देकर दाखिल खारिज के नाम पर मोटी रकम वसूल ली। सरकारी खजाने में फीस जमा नहीं हुई तो दाखिल खारिज कराने वालों पास फीस जमा करने के लिए नोटिस पहुंचे। पीड़ित लोगों ने निगम के लिपिक की ओर से दी गई रसीदें और नोटिस दोनों दिखाए। नगर आयुक्त को दाल में कुछ काला नजर आया। नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने पूरे मामले की जांच कराई तो गबन का मामला खुलकर सामने आ गया। अभी तक मिली शिकायतों के आधार पर एक लाख 33 हजार रुपये का गबन का पता चला है। यह गबन पिछले दो-तीन दिन महीने किया गया है।

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कुछ लोग ऐसे हैं कि जिनकी रसीद कटी थी और रुपये खजाने में जमा था, उन्हें भी नोटिस जा रहा था। पूरे मामले की जांच उपनगर आयुक्त आशुतोष दुबे को सौंपी गई है। एक सप्ताह के अंदर आख्या मिलते ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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संतोष शर्मा, नगर आयुक्त, शाहजहांपुर

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