तिलहर/जैतीपुर। जिले मेें हजारों भूमिहीनों, नाबालिगों और गैर जनपद के लोगों को किसान सम्मान निधि योजना में लाभार्थी बनाकर किए गए करोड़ों के घोटाले की राजस्व विभाग और पुलिस स्तर से हो रही जांच मेें रोजाना चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सम्मान निधि हड़पने के लिए घोटालेबाजों ने बैंकों में सुनियोजित तरीके से खुलवाए गए खातों में आधार कार्ड अन्य लोगों के लगा दिए। रोजा थाने में इस बावत धोखाधड़ी की धारा में दर्ज कराई गई रिपोर्ट की विवेचना कर रहे एसओजी प्रभारी ने बृहस्पतिवार को महानगर के मोहल्ला ऐमनजई जलालनगर के एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
मेल नहीं खा रहे आधार और फोटो
तिलहर। घोटाले की जांच में रोज नए तथ्य उजागर होने से इस गोलमाल में लिप्त कर्मचारियों, दलालों और जनसेवा केंद्र संचालकों में बेचैनी बढ़ रही है। खास यह है कि घोटाले के चलते योजना के वास्तविक हकदार किसान दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन उनके नाम पर फर्जी लोग मलाई काट रहे हैं। तमाम ऐसे किसान हैं, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन उनके हिस्से की सम्मान निधि दूसरों (घोटालेबाजों के चहेतों) के खातों में जा रही है। अभी तक की जांच से पता चला है कि जिनके खाते बैंकों में खुले हुए हैं, उनमेें आधार नंबर और फोटो एक व्यक्ति के न लगाकर अलग-अलग व्यक्तियों के लगाए गए हैं।
जैतीपुर के पीरी गांव में मिले फर्जीवाड़ा के सुबूत
जैतीपुर। क्षेत्र में संचालित कई जनसेवा केंद्रों के संचालकों से दलालों ने सांठगांठ कर सैकड़ों किसानों के रजिस्ट्रेशन पर तहसील के फर्जी किसानों को सम्मान निधि दिलाई है। घोटाले का सरगना इसी क्षेत्र का बताया जा रहा है। कस्बे में स्थित एक जनसेवा केंद्र संचालक ने पास के गांव पीरी में रजिस्ट्रेशन पर फर्जी किसानों के आधार नंबर और बैक खाता खुलवाए हैं और उन्हीं खातों में रकम ट्रांसफर कराई। जांच से यह भी पता चला कि गांव पीरी निवासी मनजीत व सुरजीत पुत्र नेत्रपाल, रमेश पुत्र राम निवास, आकाश पुत्र हरवीर, आत्माराम पुत्र राजेंद्र, सत्यम त्रिपाठी पुत्र पुष्पेंद्र त्रिपाठी आदि के आधार नंबरों का घोटालेबाजों ने रकम हड़पने में इस्तेमाल किया है।
प्रधान संघ ने की सीबीआई जांच की मांग
अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन मिश्रा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस घोटाले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि करीब दो अरब रुपये के इस घोटाले में जैतीपुर और गढिय़ारंगीन समेत इन्हीं क्षेत्रों के गांव अजमाबाद, कलुआबोझ, सिमरा, रुद्रपुर, पहाड़पुर, सलेमपुर मेें रहने वाले जनसेवा केंद्र संचालक और दलाल शामिल हैं। ज्ञापन में ऐसे 11 घोटालेबाजों के नामों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर डाका डालने वालों का खुलासा करने के लिए सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए।
वर्जन
पूछताछ के लिए ऐमनजई जलालनगर के एक युवक को कलान से हिरासत मेें लिया गया है। संदेह है कि उसने कृषि विभाग से किसी तरह सम्मान निधि पोर्टल की लागिन का पासवर्ड हासिल कर इस योजना के लिए कई फर्जी रजिस्ट्रेशन कराए हैं। उससे रोजा थाने में पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच पूरी होने तक धारा 420 के तहत दर्ज एफआईआर में अन्य कई धाराएं बढ़ सकती हैं।
-रवि कुमार, एसओजी प्रभारी/विवेचक