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सम्मान निधि घोटाला: जनसेवा केंद्रों और राजस्व कर्मियों की भूमिका संदिग्ध

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शाहजहांपुर/तिलहर। कम जोत वाले छोटे और मझोले किसानों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू किसान सम्मान निधि योजना में हजारों अपात्रों को लाभान्वित किए जाने के मामले मेें शक की सुई तिलहर तहसील के कुछ राजस्व कर्मचारियों और जैतीपुर क्षेत्र के जनसेवा केंद्र संचालकों पर घूम गई है। इस योजना से 1.74 लाख अपात्रों को भारत सरकार के पोर्टल से पहले ही बाहर किया जा चुका है। तहसील स्तर की जांच में घोटाले के तार जैतीपुर क्षेत्र के गांवों से जुड़े पाए जाने के कारण माना जा रहा है कि सरकारी रकम हड़पने के खेल में पूरा रैकेट काम करता रहा। हालांकि, कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि घोटाले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इसका खुलासा पुलिस की विवेचना पर निर्भर करेगा।
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कई गांवों मेें बच्चे बना दिए लाभार्थी
तिलहर। सम्मान निधि घोटाले की तहसील स्तर पर अभी तक हुई जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पता चला है कि दलालों ने जैतीपुर ब्लॉक के कई गांवों में आठ से 15 वर्ष तक के बच्चों को सम्मान निधि का हकदार बना दिया। परियुना, टाटराबाद, मुडिय़ा खेड़ा, पीरी आदि लगभग एक दर्जन गांवों की जांच में बच्चों के खातों में धनराशि जाने की पुष्टि हुई है। योजना की शुरुआत से सक्रिय हुए दलालों ने लेखपालों आदि से सांठगांठ करके गांव-गांव अपात्रों की सूची बनाकर उनके बैंक खाते जनसेवा केंद्रों पर खुलवा दिए। इनमें नाबालिगों से लेकर बड़ी संख्या में भूमिहीन खेत मजदूर भी शामिल है।
जनसेवा केंद्र संचालक हुए भूमिगत
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उसके दायरे मेें जनसेवा केंद्र संचालक आने लगे है। चूंकि, गड़बड़ी के ज्यादातर मामले जैतीपुर क्षेत्र में पकड़े गए हैं। इसलिए जांच के दौरान जवाबदेही और आगे की कार्रवाई से बचने के लिए कई जनसेवा केंद्र संचालक भूमिगत हो गए हैं। यही नहीं, कुछ केंद्र संचालक अपना दामन बचाने के लिए सफेदपोशों और अधिकारियों के चक्कर काटने के साथ सियासी संरक्षण हासिल करने की जुगत लगाने में जुटे हैं।
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जैतीपुर के इन गांवों में हुई करोड़ों की निकासी
जैतीपुर। कस्बा समेत गढ़िया रंगीन, डभौरा सिमरा, खेड़ा बझेड़ा, शंकरपुर पिटरहाई और रसेवन स्थित बैंक शाखाओं के जनसेवा केंद्रों पर हजारों की संख्या में फर्जी खाते खोलकर सम्मान निधि के करोड़ों रुपये निकाल लिए गए। इसके साथ ही करकौर, पलिहयुरा, अली अकबरपुर नवादा, कीरतपुर बिहारी, जिगनिया, मीरपुर, पहाड़पुर, जगतियापुर, टाटराबाद, परियुना, मुडिय़ा खेड़ा, आजमाबाद, पीरी आदि गांवों में तमाम अपात्रों ने सम्मान निधि हासिल कर ली।
तहसील के 550 ऐसे गांव जांच को चिन्हित हुए, जहां सम्मान निधि में ज्यादा गड़बड़ी होने की आशंका है। 250 गांवों में जांच पूरी हो चुकी है। अभी तक तहसील क्षेत्र मेें 2500 अपात्र पाए जा चुके हैं। यह भी जांच की जा रही है कि एटा, हरदोई आदि जिलों के लोगों ने यहां किसके माध्यम से लाभार्थी सूची में अपना नाम बढ़वाया। विभागीय जांच पूरी होने मेें एक सप्ताह लगेगा। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस विवेचना से भी महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने के आसार हैं।
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- राकेश सिंह, तहसीलदार, तिलहर
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