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जिले में तेजी से बढ़ रही संक्रमितों की संख्या, दो और पॉजिटिव मिले

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मीरानपुर कटरा के फीलनगर गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। प्रवासी कामगारों की वापसी के बाद जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले एक सप्ताह से हर रोज किसी न किसी इलाके से कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को मिर्जापुर ब्लॉक के बानगांव में एक और प्रवासी मजदूर की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वह 30 मई को अपने साथियों के संग गुरुग्राम से लौटा था। दूसरा कोरोना पॉजिटिव प्रवासी मीरानपुर कटरा से सटे फीलनगर गांव का है। वह 30 मई को मुंबई से लौटा था। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद दोनों को कोविड -19 अस्पताल ददरौल में भर्ती किया गया है।
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मिर्जापुर। ग्रामीणों ने बताया कि बानगांव के लगभग सौ लोग दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में मजदूरी करते थे, जो लॉकडाउन लगने के बाद अपने घर लौट आए। बाहर से लौटने वाले प्रवासी मजदूर खुलेआम गांव में घूमते रहे। बानगांव निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति गुरुग्राम स्थित कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था। उसके समेत गांव के आठ लोग 25 मई को किराए की एक प्राइवेट गाड़ी में गुरुग्राम से घर लौटे थे। यहां जांच में संदिग्ध पाए जाने पर एक प्रवासी, उसकी पत्नी और उनके दोनों बच्चों के सैंपल जांच को भेजे गए थे। एक जून को आई जांच रिपोर्ट में प्रवासी और उसके दो बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। जबकि प्रवासी की पत्नी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसके बाद दो जून को छह लोगों के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए थे। इनमें 45 वर्षीय प्रवासी की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बनगांव जा पहुंची और पूरे गांव को दोबारा सैनिटाइज किया। गांव के मुख्य मार्ग पर बैरियर लगाकर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है।
मीरानपुर कटरा। यहां कस्बा से करीब दो किलोमीटर दूर बसे गांव फीलनगर निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति मुंबई स्थित एक पेंट कंपनी में नौकरी करता था। वह 30 मई को घर लौटा था। वहां से लौटते समय उसने रास्ते से ही पत्नी को फोन करके बच्चों समेत मायके जाने को कह दिया था। दो जून को यहां पहुंचने के बाद जिला मुख्यालय पर उसकी थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ सैंपल लकर जांच को भेजा गया था। चार मई की देर रात उसकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इसका पता लगने पर रात में ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और संक्रमित प्रवासी को एंबुलेंस में बैठकर ददरौल स्थित कोविड -19 शेल्टर अस्पताल ले गई। इधर, पुलिस ने संक्रमित प्रवासी के घर के आसपास करीब पांच सौ मीटर का इलाका कंटेन्मेंट जोन घोषित करने के साथ बैरियर लगाकर सील कर दिया है। गांव में लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक है। पुलिस ने लोगों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी गई है। सीएचसी के डॉ. जियाउल हक के नेतृत्व में टीम ने गांव में बाहर से आने वालों की सूची बनाई है।
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बानगांव के नौ लोगों के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए
अकेले बानगांव में चार संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। स्वास्थ्य विीाग की टीम ने शुक्रवार को बानगांव के नौ लोगों को जिला मुख्यालय भेजा गया। जहां उनके सैंपल लेकर जांच को भेजे गए। इनमें कोरोना संक्रमित प्रवासी की पत्नी और चार बच्चे व चार पड़ोसी शामिल हैं। बानगांव को एक प्रवासी और उसके दो बच्चों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद ही कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया था। एक और पॉजिटिव केस मिलने पर शुक्रवार को पुलिस ने सख्ती और बढ़ा दी।
दो और लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों को ददरौल स्थित कोविड 19 अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। दोनों गांवों सैनिटाइज करा दिया गया है। जिले में संक्रमितों की कुल संख्या 38 हो गई है।
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- एसपी गौतम, सीएमओ
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