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मात्र छह फीसदी हुई टेस्टिंग, इम्युनिटी पॉवर बढ़ाये रखें

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शाहजहांपुर। अब तक जिले में करीब छह फीसदी प्रवासी कामगारों व अन्य लोगों की जांच हुई है, जबकि 38,359 प्रवासी मजदूर होम क्वारंटीन किए गए है। हालांकि बाहर से चोरी छिपे आए श्रमिकों की संख्या अलग है। इनमें 2364 लोगों की जांच की गई है, जो आने वाले प्रवासियों की संख्या का लगभग छह फीसदी है। जिले में अभी तक 19 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जांच को लेकर यदि गंभीरता और तेजी नहीं दिखाई गई तो बाहर से आए कामगार प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि खतरों को लेकर खुद सावधान रहा जाए और लॉकडाउन की गाइड लाइन का पूरा पालन किया जाए।
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अभी जिले में मुंबई ,दिल्ली, गाजियाबाद, पंजाब, राजस्थान, गुजरात से प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक यहां 38,359 प्रवासी मजदूर आ चुके हैं। इनमें केवल 2364 लोगों की कोरोना जांच हुई है। जिले में 19 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें अधिकांश बाहर से आए कामगार हैं। पॉजिटिव मरीजों में एक ठीक हो चुका है। जांच में 2234 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। कोरोना पॉजिटिव केस मिलने से शहर का मोहल्ला मोहम्मद जई और तिलहर तहसील क्षेत्र का गांव बिलहरी अभी कंटेन्मेंट जोन घोषित हैं। बाहर से आने वाले 38,359 लोगों को क्वारंटीन किया गया हैं। संदिग्ध लोगों को सरकारी अस्पताल या शेल्टर होम में रखा गया। अधिकांश प्रवासियों को होम क्वारंटीन किया गया। जिले में 1077 निगरानी समितियां हैं। होम क्वारंटीन लोगों की निगरानी की जिम्मेदारी समितियों के सदस्यों को दी गई है।
इस महीने दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या करीब 38 हजार को पार कर चुकी है। इन्हीं प्रवासी श्रमिकों में कई कोरोना पॉजिटिव और बाद में जांच के दौरान इनके परिजन भी संक्रमित मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में आगे आने वाली जांच रिपोर्ट में कई और लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रवासी कामगारों में ज्यादातर को होम क्वारंटीन किया गया है। मगर इनमें ज्यादातर प्रवासी गांव और इलाके में घूम रहे हैं। उनके बाहर घूमने से कोरोना पॉजिटिव केस मिलने का खतरा बना हुआ है। क्योंकि कई इलाके कंटेन्मेंट जोन घोषित होने के पीछे यही कारण रहा कि होम क्वारंटीन में रहे कई प्रवासी जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद उनके परिवार वाले भी संक्रमण का शिकार हुए। इधर, कंटेन्मेंट जोन में सिर्फ बैरिकेडिंग की गई है, लेकिन नियमों का पालन कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं किया गया है, इसलिए यहां अब भी खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों ने इस संबंध में सतर्कता बढ़ाए जाने और जांच में तेजी लाने पर बल दिया है। ऐसे में आवश्यक है कि न सिर्फ खुद सावधान रहा जाए बल्कि निर्धारित गाइड लाइन का पालन किया जाए।
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कोरोना का हाल
कुल प्रवासी श्रमिक आए- 38,359
कुल सैंपल लिए गए- 2364
कोरोना पॉजिटिव आए कुल- 19
निगेटिव रिपोर्ट आई- 2234
होम क्वारंटीन किए गए- 38,319
संख्या के आधार पर सैंपल तय नहीं किए जाते हैं। पूरी आबादी के सैंपल लिए भी नहीं जा सकते। इसके लिए क्वालिटी देखी जाती है। जिस व्यक्ति ने 4 से 14 दिन सुरक्षित व्यतीत कर लिए, उसका सैंपल लेने का कोई मतलब नहीं रह जाता। बचे हुए लोगों का रैंडम सैंपल लिया जाता है। जनपदवासियों को घबराने की जरूरत नहीं है। यहां कोरोना अब उतार पर है। फिर भी सभी लोग सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बिना मास्क के घर से न निकलें। - इंद्र विक्रम सिंह, डीएम
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