फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन के चलते रुपये के अभाव में हरेवा गांव की संतोष ने खोया पति

विज्ञापन
जलालाबाद के गांव हरेवा में अपने बच्चो के साथ मौजूद रेखा। - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
जलालाबाद। लॉकडाउन ने गांव हरेवा गांव की रेखा का सुहाग छीन लिया। थाना कटरा के गांव फीलनगर निवासी रेखा की करीब दस साल पहले गांव हरेवा निवासी संतोष के साथ हुई थी। करीब एक साल पहले संतोष पत्नी रेखा और तीन बच्चों को लेकर पंजाब प्रांत के गुरदासपुर में जाकर ड्राइवरी करने लगा। वहां 10 मार्च को बीमार पड़ जाने के कारण संतोष की नौकरी चली गई। जांच में उसे टाइफाइड बुखार निकला, जिसका लंबा इलाज चलना था। पत्नी रेखा ने बताया कि लॉकडाउन के कारण सरकारी अस्पताल में संतोष को भर्ती नहीं किया। प्राइवेट डॉक्टर से इलाज के लिए उसके पास रुपये नहीं थे। लॉकडाउन की वजह से वह चाहकर भी घर नहीं आ सकी, और न ही परिवार को कोई वहां पहुंच सका। करीब महीने भर चारपाई पर पड़े रहने के बाद इलाज के अभाव में संतोष की मौत हो गई। वहां पड़ोसियों की मदद से संतोष का अंतिम संस्कार किया जा सका। तीन बच्चों को साथ रेखा का वहां रह पाना मुश्किल था। वहां से लौटने पर 27 मई की शाम रेखा जलालाबाद के क्वारंटीन सेंटर पहुंची। जहां रेखा व उसके बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद रेखा को बच्चों समेत घर भिजवा दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें