शाहजहांपुर। कांट क्षेत्र के गांव नगला बनवारी में कोरोना पॉजिटिव की संख्या छह होने से प्रशासन में हड़कंप मचा है। शनिवार को दो सगी बहनों समेत तीन लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह और सीओ सदर परमानंद पांडेय समेत कई अफसर नगला बनवारी गांव को दौड़ गए। इसके बाद पूरे परिवार को क्वारंटीन कर दिया गया। पॉजिटिव पाए गए लोगों और उनके परिवार वालों के संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी गई हेै। मुंबई से शाहजहांपुर तक उनकी यात्रा का ट्रैक रिकार्ड जानने के लिए पूछताछ की जा रही। तीनों कोरोना पॉजिटिव भाई-बहन को आइसोलेट करने के लिए ददरौल स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड भेजा गया है।
नगला बनवारी गांव में इससे पहले पिता-पुत्र समेत समेत तीन लोग कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। पॉजिटिव पाए गए तीनों लोग मुंबई से लौटे थे। इसके बाद पूरे गांव को दो बार सैनिटाइज किया जा चुका है। रास्तों पर बैरियर लगाकर गांव सील कर दिया गया था। हर आने जाने वाले पर पाबंदी लगा दी गई थी। शनिवार को दो बहनों समेत एक ही परिवार के तीन और लोग कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद गांव में सख्ती और बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव को सील करके घरों को सैनिटाइज किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के नए मामले मिलने के बाद ग्रामीणों में खासी दहशत है और अफसरों में भी अफरातफरी का माहौल है। एसडीएम सदर ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाए गए बच्चों में एक ही परिवार का एक किशोर और दो लड़कियां शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमेें यह पता लगाने में जुटी हैं कि संक्रमित परिवार के सदस्य मुंबई से किस रास्ते से लौटे थे और गांव आने के बाद किन-किन लोगों के संपर्क मेें आए हैं। एसडीएम के अनुसार 1718 की आबादी वाले नगला बनवारी गांव से 56 सैंपल लिए गए हैं। जिन लोगों के सैंपल लिए गए हैं, उनमें मुंबई से लौटे लोग और उनके संपर्क में आने वाले शामिल हैं। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने बताया कि तीनों कोरोना संक्रमितों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखने के लिए उन्हें ददरौल स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।