शाहजहांपुर। लॉकडाउन में जब हालत बिगड़ने लगे तो मजदूरों के पास घर वापसी के अलावा कोई चारा नहीं बचा था, काम बंद होने के कारण जमापूंजी भी अधिकतर लोगों के पास खत्म हो चुकी थी। किसी तरह मजदूरों ने रुपये इकट्ठे करके हरियाणा से पश्चिम बंगाल तक जाने के लिए 1.55 लाख रुपये में कंटेनर बुक किया। चालक ने रुपये भी एडवांस ले लिए थे। शाहजहांपुर पहुंचने पर एक मजदूर की हालत बिगड़ी तो चालक सभी को उतारकर झांसा देकर भाग निकला। मजदूरों को पैदल जाता देख किसी ने सूचना पूर्व केंद्रीय मंत्र जितिन प्रसाद को दी तो वह पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ मौके पर पहुंच गए। मजदूरों की पीड़ा सुनने के बाद उन्होंने अधिकारियों को फोन किया।
पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहरों के रहने वाले तमाम मजदूर हरियाणा के यमुनानगर की एक प्लाईवुड फैक्टरी में काम करते थे। लॉकडाउन में फैक्टरी बंद होने पर खाने-पीने की लाले पड़े तो अपने घरों को लौटने के लिए एक कंटेनर चालक से पश्चिमी बंगाल तक जाने की बात की। उसने मजदूरों के जत्थे में शामिल 76 लोगों को बंगाल तक पहुंचाने के लिए 1.55 लाख रुपये किराया तय कर सारी रकम एडवांस ले ली। इन सभी को लेकर कंटेनर चालक सोमवार सुबह यमुनानगर से रवाना हुआ। नेशनल हाईवे पर कनेंग मोड़ के पास जत्थे में शामिल एक मजदूर की हालत बिगड़ी और बेहोशी छाने लगी।
इस पर अन्य मजदूरों ने रिलायंस थर्मल पॉवर के यात्री प्रतीक्षालय के पास कंटेनर रुकवा लिया। कंटेनर चालक ने वहां स्थित एक ढाबे पर चाय पीने और आराम करने के बहाने सभी मजदूरों को वहां उतार दिया। इसी बीच, मौका पाकर कंटेनर चालक वाहन लेकर वहां से खिसक लिया। उसे भागा देख मजदूरों ने हंगामा करते हुए हाईवे के किनारे आगे पैदल चलना शुरू कर दिया। प्रवासी मजदूरों को कतार मेें जाता देख उधर से गुजरे किसी व्यक्ति ने कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा को जानकारी दे दी।
मजदूरों को पैदल चलने पर मजबूर कर रही सरकार
हरियाणा से अपने घर जाने को लौट रहे पश्चिम बंगाल के मजदूरों की व्यथा सुनकर कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने ऐसे मजदूरों को घर भेजने के लिए एक हजार बसों की व्यवस्था की, लेकिन सरकार उन्हें पैदल चलने पर मजबूर कर रही है।
दो घंटे चला हंगामा, फिर शेल्टर होम में भेजे गए मजदूर
सूचना पर कांग्रेस नेता जितीन प्रासाद पार्टी जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता मुन्ना, प्रशांत कठेरिया, कालीशंकर आदि के साथ मौके पर जा पहुंचे और सभी मजदूरों को घर तक भिजवाने का भरोसा देकर यात्री प्रतीक्षालय पर रोक लिया। इस दौरान करीब साढ़े पांच से साढ़े सात बजे तक हंगामा चलता रहा। बाद में कांग्रेस नेताओं की सूचना पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी वहां पहुंच गए। एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मजदूरों की स्क्रीनिंग करा ली गई है और सभी का स्वास्थ्य सामान्य पाया गया है। उन्होंने बताया कि मजदूरों के जत्थे में शामिल सभी स्त्री, परुषों ओर बच्चों को भोजन करानेे के बाद उन्हेें बस से उनके गंतव्य तक भिजवाया जा रहा है। एसडीएम के अनुसार पुलिस को कंटेनर का नंबर देकर वाहन समेत चालक की तलाश कराई जा रही है।