पुवायां। एसडीएम और सीएचसी प्रभारी की देखरेख में पुवायां इंटर कालेज स्थित क्वारंटीन सेंटर में महाराष्ट्र, गुजरात से आए प्रवासी श्रमिकों की सरकारी अस्पताल पुवायां, बंडा, सिंधौली और खुटार से आई स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जांच की।
डॉक्टरों ने 212 प्रवासी श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य परीक्षण किया। 11 प्रवासियों में बुखार आदि के लक्षण होने पर उनको जिला अस्पताल भेजा है। बाकी को होम क्वारंटीन किया गया है। इससे पूर्व शुक्रवार को पुवायां में स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्ध पाए गए बंडा और पुवायां के नौ लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया था। इनमें से सात लोगों का जिला अस्पताल में सैंपल लिया गया है। जांच के दौरान डॉ. जीडी सागर, डॉ. आशुतोष, डॉ. सलीम, डॉ. ब्रजेश मिश्रा, सुदीप शुक्ला, साजिद खान, अमित जौहर, सच्चिदानंद, सुरेश वर्मा, निजामुद्दीन, मोहित वर्मा, सुनील कुमार मौजूद रहे।
गोंडा से गांव पहुंचे लोग होम क्वारंटीन किए
गांव घनश्यामपुर बुजुर्ग में गोंडा से महावत जाति के 43 लोग शुक्रवार को डीसीएम से चुपचाप पहुंच गए थे। प्रधान शमसुल हसन की सूचना पर शनिवार को गांव पहुंची टीम ने जांच कर सभी को होम क्वारंटीन किया है। इसके अलावा गांवसभा जलालपुर में तीन, सबली कटेली में पांच, कुर्रा में छह श्रमिक हरियाणा, दिल्ली, रायबरेली, बिहार और मेरठ से चार से पांच दिन पूर्व आए हैं। प्रधान संदीप सिंह सोनी ने बताया कि उन्होंने बंडा सीएचसी पर सूचना दे दी है, लेकिन कोई भी जांच करने नहीं आया है।
हरियाणा से लौटे आठ श्रमिकों को भेजा जिला अस्पताल
खुटार। क्षेत्र के गांव रसवा कलां के मजरा महुरैया में छह, गांव सुजानपुर में एक समेत आठ लोग काम करने हरियाणा गए थे। दो दिन पूर्व गांव लौटे तो डॉक्टर ने सभी को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है। संवाद
अल्हागंज में परीक्षण की कोई व्यवस्था नहीं
अल्हागंज। क्षेत्र में प्रवासी मजदूरों के आने का क्रम जारी है लेकिन उनका परीक्षण कराने और सैंपल लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ग्राम पंचायत विचोला में बृहस्पतिवार रात को तेलंगाना से 18 प्रवासी आए थे, सभी को एक विद्यालय में रखा गया है। ग्राम प्रधान मुन्ना लाल कश्यप का कहना है कि प्रवासियों के परीक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोई व्यवस्था नहीं की है। ग्राम पंचायत साहबगंज के गांव में भी आठ प्रवासी पहुंचे हैं। आशा वर्कर ने इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को दी है लेकिन इनकी भी जांच नहीं की गई। संवाद