मिर्जापुर। देहात क्षत्रों में बाहर से लौटे लोगों को क्वारंटीन करने के लिए बनाए गए शेल्टर होम में निगरानी और व्यवस्था न होने से लोग वहां टिक नहीं रहे हैं। बुधवार को गांव नरौरा में उस वक्त सनसनी फैल गई। जब प्राथमिक स्कूल में क्वारंटीन किए गए दस लोग अचानक गायब हो गए।
गांव के दस युवक कुछ दिन पहले दिल्ली से लौटे थे। जानकारी होने पर प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए सभी दस युवकों को प्राथमिक स्कूल में बनाए गए शेल्टर होम में रखने का निर्णय लिया। ताकि गांव के लोगों से इन युवकों की दूरी बनी रहे। सरकारी कर्मचारी युवकों को शेल्टर होम में ठहराने के बाद चले गए। इसके कुछ देर बाद ही युवक भी वहां से निकल गए। बुधवार सुबह अचानक दसों युवक शेल्टर होम से गायब मिले तो चर्चा गांव में फैल गई, इससे गांव में खलबली मच गई। मामले की जानकारी ग्राम प्रधान शिवपाल तक पहुंची तो उन्होंने गांव में उनके परिवारवालों से बात की। प्रधान के मुताबिक युवक गांव में अपने खेतों में घूमने निकल गए थे। शाम तक कुछ युवक शेल्टर होम लौट आए। इस संबंध में कलान एसडीएम रमेश बाबू से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका सीयूजी नंबर लगातार स्वीच ऑफ बताता रहा। संवाद
क्वारंटीन में रखे गए लोग घूम रहे गांवों में
पुवायां के गांव जुझारपुर में तमाम लोग बाहर से आए हैं लेकिन यह सभी लोग अपने घरों में रह रहे हैं। कई अन्य गांवों में भी यही हालत हैं। खुटार के गांव कुइयां में प्रधान ने बहार से आए पांच लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण तो कराया लेकिन उनको घरों में भेज दिया गया। खुटार के ही गांव सिल्हुआ में लगभग 40 लोग बाहर से आए हैं। प्रधान शशि देवी ने स्कूल में लोगों के रहने खाने की व्यवस्था की है, लेकिन कोई भी स्कूल में रूकने को तैयार नहीं है। प्रधान की ओर से पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दिए जाने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसी स्थित तमाम गांवों में है।
निगोही में नहीं बने शेल्टर होम, खुलेआम घूम रहे बाहर से आए लोग
कोरोना संकट से निपटने को लॉकडाउन घोषित होने के बाद दिल्ली समेत अन्य राज्यों से लोगों के लिए ग्रामीण अंचल में अभी तक आश्रय स्थल नहीं बनाए गए हैं। ऐसे सभी लोग विभिन्न गांवों में अपने घर पर रह रहे है और क्वारंटीन के नियमों का पालन करने के बजाय खुलेआम इधर-उधर घूम रहे हैं।
क्षेत्र के ग्राम प्रधानों समेत अन्य स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार गांव ऊन कलां में 35, जिन्दपुरा में 12, नरायनपुर में 40, तालगांव में 20, परसौना खलीलपुर में 38, भवानीपुर में 12, चक परमाली में 25, राघवपुर सिकन्दरपुर में 40, ढकिया तिवारी में 150 लोगों सहित अन्य गांवों में बाहर से सैकड़ों लोग आ चुके हैं। यह सभी एकांतवास करने के बजाय इधर-उधर घूम रहे हैं। डीएम ने इन सभी को क्वारंटीन में रखने के लिए सभी गांवों में प्राइमरी स्कूल और पंचायत घर अधिकृत किए हैं, लेकिन वहां ऐसे लोगों को ठहराने और उनके खानपान का अभी तक कोई इंतजाम नहीं हो सका। तिलहर एसडीएम सौरभ गंगवार के अनुसार निगोही के खंड विकास अधिकारी गोविंद वल्लभ पंत को शेल्टर होम बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बीडीओ के अनुसार बाहर से आने वालों की सूची बनाई जा रही है और उन्हें बहुत जल्द आश्रय स्थलों मेें भेजा जाएगा।