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खतरनाक हालात... मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और 15 कर्मचारी संक्रमित

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शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमण के प्रकोप से हालात बदतर होते जा रहे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बने एल टू अस्पताल में तैनात दो सीनियर डॉक्टरों में एक संक्रमित हो चुके हैं। केवल नोडल अधिकारी संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं। कोविड अस्पताल में तैनात जूनियर डॉक्टर और सौ कर्मचारियों में राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में कोविड एल टू अस्पताल बनाया गया है। जहां डॉ. एमएल अग्रवाल नोडल अधिकारी हैं। उनके साथ एक दूसरे सीनियर डॉक्टर कोविड एल टू अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करते हैं। पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी तो डॉक्टर की ड्यूटी के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ गई। मरीजों को देखते-देखते एल टू आईसोलेशन वार्ड में ड्यूटी करने वाले एक सीनियर डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो गए, जिसके बाद से वह छुट्टी पर हैं। अब अकेले डॉ. एमएल अग्रवाल कोविड अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इससे उन्हें 24 घंटे ड्यूटी करने पड़ रही है। एलटू आईसोलेशन वार्ड में मरीजों के इलाज के बाद डाक्टर अग्रवाल अपने घर तो जाते हैं, लेकिन अपने परिवार से अलग रहते हैं।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के कोविड एल टू अस्पताल में प्रतिदिन 5 से 10 कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती होते हैं। वहां जूनियर रेसिडेंट, सीनियर रेसिडेंट व अन्य स्टाफ की संख्या 100 के आसपास है। इनमें जूनियर डॉक्टरों और अन्य स्टाफ समेत करीब 15 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इससे मरीजों के इलाज में खासी दिक्कत हो रही है।
कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज अकेले करना पड़ रहा है। एक डॉक्टर पहले एल टू आईसोलेशन वार्ड में तैनात थे, लेकिन वह संक्रमित हो गये। ऐसे में 24 घंटे ड्यूटी पर रहकर मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टर का स्टाफ बढ़ाने के लिए सीएमएस से कहा है। - डॉ. एमएल अग्रवाल, मेडिसिन विभागाध्यक्ष, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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डॉक्टर और स्टाफ नर्स को मिलाकर करीब 100 लोगों का स्टाफ है। करीब 15 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। एल टू आईसोलेशन वार्ड में डॉ. एमएल अग्रवाल पर मरीजों की जिम्मेदारी है। फिलहाल डॉक्टर और स्टाफ आपसी तालमेल मिलाकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। - अभय कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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