‘उन्नति के लिए कोरी समाज को करना होगा एकजुट’
कोरी समाज कल्याण सेवा समिति का प्रांतीय अधिवेशन रविवार को खिरनीबाग की लाला रामचरन धर्मशाला में हुआ। इस मौके पर वक्ताओं ने कोरी समाज की शैक्षिक, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर उन्नति के लिए समाज को एकजुट किए जाने पर जोर दिया। तय किया गया कि कोरी समाज के सभी संगठनों का संयुक्त परिसंघ बनाकर उन्हें एक मंच पर लाया जाएगा। अधिवेशन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के प्रतिनिधियों का पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि वैद्य रामनाथ ने कहा कि कोरी समाज को भगवान बुद्ध, संत शिरोमणि कबीर दास, वीरांगना झलकारी बाई जैसे महापुरुषों के आदर्शों पर चलने की आवश्यकता है। इन सभी विभूतियों ने अपने जीवन में समाज की उन्नति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। शिक्षा को बढ़ावा दिए जाने पर समाज आर्थिक रूप से संपन्न होगा और राजनीतिक कद भी बढ़ेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सियाराम कोरी ने कहा कि समाज की उन्नति के लिए देश-प्रदेश में कई संगठन सक्रिय हैं। उन्हें एक मंच पर लाने के लिए सभी संगठनों का परिसंघ बनाया जाए तो समाज एकजुट होगा और परस्पर निर्भरता बढ़ने से सामाजिक सद्भाव की भावना का भी विकास होगा। बाद में इसी आशय का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करके कोरी समाज के संगठनों का महासंघ बनाने का निर्णय किया गया। प्रारंभ में मुख्य अतिथि और कार्यक्रम के अध्यक्ष ने दीप प्रज्जवलित कर अधिवेशन का शुभारंभ किया। प्रदेश अध्यक्ष रामप्रकाश कोरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अतिथियों और बाहर से आए पदाधिकारियों का फूलमालाओं से स्वागत किया। समिति की बदायूं इकाई के जिलाध्यक्ष सतीश चंद्र के संचालन में हुए अधिवेशन में मिथुन सिंह, रामशरण लाल, ईश्वर प्रकाश, कन्हई लाल, राजकुमार, इतवारी लाल, रामेश्वर दयाल आदि ने विचार रखे।