प्रदेश भर के डेढ़ दर्जन के करीब सरकारी विभागों में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 946 पद भरे जाने हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन बुधवार को छुटपुट रूप से शुरू हो गया। इस्लामिया इंटर कॉलेज में इंटर का मूल्यांकन पहले दिन शुरू नहीं हो सका, लेकिन शेष अन्य तीनों केंद्रों पर कापियां जांचने का काम आरंभ कर दिया गया। इधर, इस्लामिया कॉलेज, एसपी कॉलेज और एबी रिच इंटर कॉलेज में ट्रकों से उत्तरपुस्तिकाओं का आना जारी रहा। पहले दिन अधिकांश परीक्षक केंद्र पर पहुंचने का मूड नहीं बना सके।
पहले दिन दोपहर तक चारों केंद्रों पर परीक्षकों की बैठक कर उन्हें बोर्ड कार्यालय की मंशा से अवगत कराया गया और मूल्यांकन के नए नियम समझाए गए। इंटर के मूल्यांकन केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज के उप नियंत्रक रणवीर सिंह ने बताया कि उनके यहां लगभग 1.62 लाख उत्तरपुस्तिकाएं आवंटित की गई हैं, जिनका मूल्यांकन करने को 45 टोलियां बनी हैं। लगभग साढ़े तीन सौ परीक्षक भी बोर्ड ने नियुक्त किए हैं। पहले दिन आधे भी कम परीक्षकों ने उपस्थिति दर्ज कराकर मूल्यांकन कार्य आरंभ किया।
इसी तरह हाईस्कूल की कापियों के मूल्यांकन के लिए एबी रिच इंटर कॉलेज और एसपी कॉलेज को केंद्र बनाया गया है। एबी रिच कॉलेज के उपनियंत्रक एमरसन बी लाल ने बताया कि उनके यहां लगभग 1.97 लाख कापियां भेजी गई हैं, जिनके मूल्यांकन के लिए 46 टोलियां बनी हैं। मूल्यांकन के लिए 457 परीक्षकों को नियुक्त किया गया है। एसपी कॉलेज के उपनियंत्रक आरके शर्मा ने बताया कि उनके यहां लगभग 1.10 लाख उत्तरपुस्तिकाएं भेजी गई हैं। मूल्यांकन के लिए 31 टोलियां बनी हैं, जिनमें 292 परीक्षक लगाए गए हैं। पहले दिन मात्र 98 परीक्षक ही उपस्थित हो सके।
तत्काल मूल्यांकन शुरू करें शिक्षक
मूल्यांकन कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है, इसलिए परीक्षक बनाए गए सभी शिक्षक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तत्काल मूल्यांकन केंद्रों पर उपस्थिति दर्ज कराकर मूल्यांकन आरंभ करें। जिन चतुर्थश्रेणी कर्मियों की डियूटी मूल्यांकन केंद्र पर लगाई गई वह भी डियूटी पर पहुंचें, अनुपस्थिति रहने वाले कर्मचारियों का वेतन रोककर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिन प्रधानाचार्यों ने अभी तक मूल्यांकन के लिए शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया है, वह अबिलंब शिक्षकों को कार्यमुक्त करें, जिससे मूल्यांकन कार्य समय से पूरा कराया जा सके।
कमलाकर पांडेय, डीआईओएस