शांतिभंग की आशंका में आरोपियों का चालान
प्रार्थना सभाओं में लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाए गए। खुटार में अवनीश मिश्रा और निगोही थाने में राघवेंद्र सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज करते हुए पुलिस ने दो-दो आरोपियों का शांतिभंग की आशंका में चालान भी किया था।
जिले में अगर पुलिस कार्रवाई की बात करें तो अब तक पुलिस ने एक भी स्थान पर खुद के मुखबिर की सूचना पर कोई कार्रवाई नहीं की है। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया था कि जिन स्थानों पर मामले निकलकर सामने आए हैं, वहां बैंक खातों से लेकर पूरी जांच की जा रही है। जो साक्ष्य मिलेंगे उसके अनुसार, दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
ईसाई धर्म में जताया विश्वास...धर्म परिवर्तन पर साधी चुप्पी
खुटार के गांव कुंभिया माफी में रविवार को प्रार्थना सभा में जो लोग मिले थे उनमें से ज्यादातर गांव के ही थे। कुछ लोगों से बात करने पर पता लगा कि गांव में जब से सत्संग शुरू हुआ है तब से लगभग 20 परिवार ऐसे हैं जो ईसाई धर्म में आस्था रखते हैं। धर्म परिवर्तन के सवाल पर कुछ भी बोलने से इन्कार कर देते हैं। उनका कहना है कि उन्हें जो बेहतर लगता है वैसा ही करते हैं।
रविवार को पुलिस के पहुंचने के दौरान एक किशोरी की हिंदू संगठनों के लोगों से इसी मुद्दे पर काफी देर बहस भी हुई थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वहीं निगोही के चेना रुरिया गांव में प्रार्थना सभा कराने वाले हेमराज ने बताया कि वह पत्नी की बीमारी ठीक होने के बाद से प्रार्थना सभा करा रहा है। उसके यहां गांव के लोग आते हैं। वह बौद्ध धर्म का अनुयायी है।
वहीं, हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस इस केस को हल्के में न ले। हर एंगल से इसकी जांच होनी चाहिए। यह भी देखना चाहिए कि कहां से फंडिंग हो रही है। जो लोग पहले मजदूरी करते थे, वे अब ठाठ की जिंदगी कैसे जी रहे हैं। आमदनी के रास्ते स्पष्ट होने चाहिए। निगोही थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। बैंक खातों की पासबुक ली गई है। दो-तीन दिन में स्टेटमेंट मिलने के बाद फंडिंग को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।