मायूस होकर लौटे मरीज
गांव मलूकापुर की ईश्वरवती ने बताया कि वह सांस की बीमारी से पीड़ित हैं और करीब दस किलोमीटर दूर से सीएचसी दवा लेने आई थीं। दवा न मिलने पर उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह निजी अस्पताल में इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं। गांव ढकिया रघा के सुरेश पाल सिंह सुबह करीब दस बजे साइकिल से सीएचसी पहुंचे थे। उन्हें खांसी, जुकाम और बुखार की दवा लेनी थी, लेकिन संविदा कर्मचारियों के धरने के कारण दवा नहीं मिल सकी। उन्हें भी बिना उपचार के ही लौटना पड़ा।
तिलहर सीएचसी प्रभारी डॉ. ओमेंद्र राठौर ने बताया कि संविदा कर्मचारियों ने मानदेय न मिलने के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की है। उन्होंने कहा कि मानदेय जारी होने के बाद कर्मचारी फिर से कार्य पर लौट आएंगे। डॉ. राठौर ने यह भी स्वीकार किया कि डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान डॉक्टर अभिषेक जौहरी, प्रियंका यादव, संगीता, शिवानी और मीनू सहित कई संविदा कर्मचारी धरने पर मौजूद रहे।