जलालाबाद के गांव सिकंदरपुर में शाहजहांपुर रोड किनारे बनी दुकान को तोड़ती जेसीबी। संवाद
जलालाबाद। एसडीएम सुशांत श्रीवास्तव के निर्देशन में शनिवार को निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे के रास्ते में आने वाले कच्चे व पक्के निर्माण को जेसीबी से ढहा दिया गया। बारहपत्थर चौराहे के पास सिकंदरपुर ग्राम पंचायत के रकबे में बनी कुछ दुकानों को तोड़ा गया, जबकि अन्य लोगों को निर्माण स्वयं तोड़ने के लिए रविवार तक की मोहलत दी है।
शुक्रवार को सिकंदरपुर के ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध किया था। उनका कहना था कि पहले उन्हें मुआवजा दिया जाय। इन परिवारों को मुआवजा अब भी नहीं मिला है। अधिकारियों ने जमीन संबंधी कागजों के अलावा बैंक पासबुक, आधार कार्ड आदि कागजात जमा करने की फिर से अपील की। कई लोगों ने कागजात जमा कर दिए। शनिवार को तमाम लोगों ने अपने मकान व दुकान को तोड़ने के अलावा उनमें रखा सामान अन्य स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया।
तहसीलदार पैगाम हैदर व नायब तहसीलदार मनु माथुर ने एक्सप्रेस-वे के रास्ते में आने वाले गांव चमरपुर खुर्द में प्राथमिक स्कूल व दो मकान, पंखाखेड़ा में मकान व दुकान तथा गांव ढका में पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भवन जेसीबी से तुड़वा दिया। तहसीलदार ने बताया कि निर्माण के रास्ते में जिनकी भी संपत्ति आ रही है, उन्हें कितना मुआवजा दिया जाना है, यह तय हो चुका है। जिन लोगों ने अपने कागजात जमा कर दिए हैं, दो दिन में उनके खातों में मुआवजा राशि भेज दी जाएगी।