शाहजहांपुर। नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी व नेता विपक्ष राहुल गांधी को ईडी के लगातार परेशान करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कांग्रेसी सड़क पर उतर आए। भाजपा कार्यालय घेरने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने बैरियर लगाकर रोक लिया। इस दौरान जोरदार नारेबाजी के साथ पुलिस से नोकझोंक हुई।
दिन में करीब दो बजे जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता के नेतृत्व में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय घेरने के लिए निकले। पहले से तैनात पुलिस ने शहीदों की प्रतिमाओं के पास बैरियर लगाकर उन्हें रोक लिया। आगे जाने के लिए कांग्रेसियों ने बैरियर को हटाने का प्रयास किया। इस दौरान करीब पांच मिनट तक पुलिस से धक्का-मुक्की चलती रही।
शहीदों की प्रतिमाओं के पास जिलाध्यक्ष ने उन्हें रोके जाने पर इंस्पेक्टर सदर ब्रजेश सिंह से आपत्ति की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि वे हिंसा में विश्वास नहीं रखते, लेकिन नाजायज दबाया गया तो वे पीछे हटने वाले नहीं है। वापस जा रहे हैं, लेकिन पूरी ताकत के साथ आएंगे।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर कांग्रेस व अन्य विपक्ष दल के नेताओं को फंसाने का काम रही है। अल्पसंख्यक कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशफाक उल्ला खां, पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित, सुरेश चंद्र शुक्ला, प्रेम प्रकाश वाल्मीकि, फुरकान अहमद कुरैशी, अनिल श्रीवास्तव, बीएन यादव, तनवीर सफदर, सईद अंसारी, अर्चना वाल्मीकि, रफी उल हसन,अदीब अहमद सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
फिर से पाला छूकर लौटे कांग्रेसी
कांग्रेस के कार्यकर्ता पूरे उत्साह और जोश के साथ नारेबाजी करते हुए निकल तो गए, लेकिन हर बार की तरह पुलिस के रोके जाने के बाद शहीदों की प्रतिमाओं के पास से लौट आए। युवा नेता पुलिस का घेरा तोड़कर आगे निकल गए। उन्हें वरिष्ठ नेता ने वापस बुला लिया। कहा कि जिलाध्यक्ष को छोड़कर आगे कहां जा रहे हो, यहीं प्रदर्शन समाप्त हो गया। इस बीच महिला कांग्रेस ने भी दमदारी से पुलिस का सामना किया।
शाहजहांपुर में भाजपा कार्यालय घेरने जा रही महिला कांग्रेस अध्यक्ष को रोकती महिला सिपाही। संवाद