‘27 साल उत्तर प्रदेश बेहाल’ की यात्रा लेकर दिल्ली से रवाना हुआ उत्तर प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों का दल मीरानपुर कटरा और तिलहर में रोड शो करने के बाद यूपी कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद की अगुवाई में नेशनल हाइवे पर बरेली मोड़ से शाहजहांपुर शहर में दाखिल हुआ। बरेली मोड़, चार खंभा, चौक, घंटाघर, बहादुरगंज और सदर बाजार में कार्यकर्ताओं के स्वागत के बीच रात करीब सवा 10 बजे यात्रा टाउन हाल स्थित शहीद प्रतिमा स्थल पर पहुंची। यहां मौजूद लोगों की सभा को अपने वाहन पर ही खड़े होकर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस यात्रा में कांग्रेस ने नया यूपी खोज लिया और देखने को मिला है। बदलाव दिख रहा है और यह दोनों ओर से (जनता और कांग्रेस पार्टी) है। इसी का नतीजा है कि रोजाना छह मीटिंगे रखी गई थीं जिनकी संख्या दूसरे ही दिन 40 हो गई ।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि शायद कांग्रेस के लोगों में ही कुछ कमी थी कि 27 साल से प्रदेश में पार्टी सत्ता से दूर है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने यहां की ताजा स्थिति पर मंथन किया और पाया कि दो मुख्य शिकायतें जनता को कांग्रेस से है। पहला तो यह कि इसके सीएम प्रत्याशी का घोषित न होना और अच्छी छवि वाले प्रदेश अध्यक्ष का न होना एवं दूसरा कि दिल्ली या लखनऊ में उनकी कोई नहीं सुनता। राष्ट्रीय नेतृत्व ने इसके लिए पूरे प्रदेश की टीम नए सिरे से पुनर्गठित कर दी है। अच्छी छवि वाले तेजतर्रार अध्यक्ष, भावी सीएम की प्रत्याशी के साथ प्रचार प्रभारी के रूप में संजय सिंह और कार्यक्रमों का समन्वयक प्रमोद तिवारी को बनाने के लिए प्रदेश प्रभारी की टीम मैदान में उतारी गई है। अब जनता को कांग्रेस के नेता को ढूंढने के लिए दिल्ली या लखनऊ नहीं जाना होगा,बल्कि इसके नेता खुद जनता के पास हाजिर रहेंगे।
उन्होंने गैर भाजपा दलों पर हमला बोला। कहा कि भाजपा ने धर्म के नाम पर तो सूबे के दूसरे क्षेत्रीय दलों ने जाति और समाज के नाम पर लोगों को बांट दिया एवं उनमें नफरत की दीवार खड़ी कर दी। सूबे की सत्ता में बैठे दल में एक ही परिवार के 20 - 20 लोग मंत्री, सांसद, विधायक और पदाधिकारी बने बैठे हैं जबकि उन्हें वोट देकर सत्ता में पहुंचाने वाली जनता खुद को ठगी महसूस कर रही है। उन्होंने अपील की कि सूबे की जनता नफरत की दीवारें गिराकर कांग्रेस का साथ दे क्योंकि इसका घर मजहब या जाति का नहीं बल्कि पूरा हिंदुस्तान है। यह पार्टी अगड़े, पिछड़े या दलित की बात नहीं करती बल्कि हर वर्ग और धर्म की हिमायती है। सभा में उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, संजय सिंह, राजा रामपाल आदि मौजूद थे।
स्वागत करने वालों में ये रहे शामिल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा, शहर अध्यक्ष तसनीम अली खां, सपा छोड़कर कांग्रेस में आए उपेंद्र पाल सिंह, धर्मेंद्र दीक्षित, सुहेल बेग, शाहिद अनवर कुरैशी, जगदीश कुशवाहा, सगीर अहमद अंसारी, शरीफुल्ला खां, विनीत मिश्रा , रजनीश गुप्ता, मुजीबुर्रहमान, कृष्ण विनोद मिश्र, रोहित सिंह, विश्वदीप अवस्थी आदि के अलावा पीलीभीत और लखीमपुर खीरी जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ टाउन हाल की सभा में मौजूद थे।
शहीदों की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
टाउन हाल पहुंचते ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। शहीद पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह और स्वतंत्रता सेनानी प्रेम किशन खन्ना की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसलिए राजबब्बर हुए लेट
अपने काफिले के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और फिल्म अभिनेता राजबब्बर के न आने के बारे में सभा संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने स्थिति स्पष्ट की। कहा कि जनता की मांग को देखते हुए जब रोजाना छह से बढ़कर मीटिंग की संख्या 40 पहुंच गई तो रणनीति बदल दी गई। यात्रा को दो टीमों में बांट दिया गया। एक टीम उनके साथ है जो पहले से तय रूटों पर लोगों से मिलते - जुलते बढ़ रही है और दूसरी टीम राजब्बर की अगुवाई में जो अन्य छूटे हिस्से के लोगों से मीटिंग कर उसी रूट पर पीछे - पीछे आ रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष वाली टीम में प्रमोद तिवारी शामिल हैं।