प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सोमवार को लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज किए जाने के विरोध में जिले के कांग्रेसियों ने बुधवार को दमन विरोधी दिवस मनाकर सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। उन्होंने हाथों में तिरंगा के साथ काले झंडे लेकर टाउनहाल के पार्टी कार्यालय से जुलूस निकाला और कलक्ट्रेट में सरकार विरोधी नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। बाद में प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट एपी श्रीवास्तव को राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
प्रदर्शन के लिए कांग्रेस और सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ता टाउनहाल के पार्टी कार्यालय में जमा हुए। वहां हुई सभा की अध्यक्षता करते हुए शहर अध्यक्ष तसलीम अली खां ने कहा कि लखनऊ में निहत्थे पार्टी कार्यकर्ताओं पर प्रदेश की बेलगाम पुलिस ने सरकार के इशारे पर लाठी-डंडे बरसाकर लोकतंत्र की हत्या का प्रयास किया। वरिष्ठ नेता रामनाथ बघेला ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने वाली सरकार को सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह गया है।
लखनऊ से घायल होकर लौटीं महिला कांग्रेस की कार्यकारी जिलाध्यक्ष शारदा थापा और शहर अध्यक्ष सुनीता सिंह ने कहा कि जिस पार्टी के मुखिया एक महिला के साथ चार व्यक्तियों द्वारा बलात्कार करने से इनकार करके दुष्कर्मियों को संरक्षण देते हो, उस दल की सरकार से महिला सुरक्षा की उम्मीद करना व्यर्थ है। सभा के बाद कार्यकर्ताओं का हुजूम तिरंगे और काले झंडे लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए चल पड़ा।
सदर बाजार होकर कांग्रेसियों का जुलूस कलक्ट्रेट में दाखिल होते ही नारेबाजी तेज हो गई। बाद में राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को तत्काल बर्खास्त करके राष्ट्रपति शासन लागू कराने की मांग की। प्रदर्शन में सेवादल के पूर्व जिलाध्यक्ष रामप्रकाश दीक्षित, शहर अध्यक्ष संजीव गुप्ता, महेश चंद्र द्विवेदी, कृष्ण विनोद मिश्रा, मुजीबउर्रहमान खां, अनूप वर्मा, राकेश मिश्रा, विश्वदीप अवस्थी, कृपाराम मिश्रा, कुसुम कठेरिया, ममता सिंह, वंदना सक्सेना, संतोष गुप्ता, जगदीश कुशवाहा, पार्वती सिंह, कमलेश अवस्थी, रवि कैथवार आदि शामिल रहे।