भागवत ने क्या कहा था
मोहन भागवत ने अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को भारत की सच्ची स्वतंत्रता से जोड़ा था। भागवत ने कहा था कि राम मंदिर के प्रतिष्ठापन का दिन प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनाया जाना चाहिए, क्योंकि इस दिन भारत ने सच्ची स्वतंत्रता हासिल की, जो सदियों तक परचक्र (दुश्मन हमले) का सामना कर रहा था।