मिर्जापुर। कोलाघाट पुल से हल्के चार पहिया वाहनों का आवागमन शुरू कराने की मांग को लेकर संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल रविवार को चौथे दिन भी जारी रही। भूख हड़ताल पर बैठे जिला पंचायत सदस्य ओमपाल कुशवाहा धरना स्थल के मंच से उतरते समय चक्कर आने पर गश खाकर गिर गए। भूख हड़ताल पर बैठे दो अन्य जिला पंचायत सदस्यों को कमजोरी की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया।
कोलाघाट पुल के पास आयोजित धरना को सात दिन बीत चुके हैं। आंदोलन के अगले चरण में शुरू हुई भूख हड़ताल को भी चार दिन बीत गए, लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा अनशनकारियों की सुध नहीं ली गई है।
बता दें कि कोलाघाट पुल से हल्के वाहनों का आवागमन शुरू कराने की मांग को लेकर कोलाघाट संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ता गत 22 जुलाई से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मांग को लेकर शासन-प्रशासन पर दबाव बनाने को नौ कार्यकर्ता चार दिन से भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं।
रविवार को सुबह से कई अनशनकारियों की हालत खराब होने लगी। हालत खराब होने पर भूख हड़ताल पर बैठे नौ में से दो अनशनकारियों जिला पंचायत सदस्य रामदास राठौर व ओमपाल कुशवाहा की ज्यादा हालत खराब होने पर उन्हें पुलिस ने जरियनपुर सीएचसी में भर्ती कराया है। उधर, धरना स्थल के मंच से गिरे जिला पंचायत सदस्य ओमपाल को उनके साथियों ने अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार दिलाया, लेकिन बाद में वह फिर अनशन पर बैठ गए।
प्रशासन द्वारा अनशनकारियों की परवाह नहीं किए जाने से आम जनमानस मे भी आक्रोश बढ़ रहा है। रविवार को भूख हड़ताल पर बैठे सूरज पाल यादव, रामवीर सिंह सोमवंशी , रामकुमार राठौर, मोहित शर्मा, रामदास राठौर, पार्थ यादव, ओमपाल कुशवाहा, प्रभाशंकर गुप्ता और तस्लीम अंसारी का मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। हड़ताली कार्यकर्ताओं के समर्थन में आयोजित धरना में विवेक गुप्ता, पीयूष यादव, जाहर सिंह, जुगेंद्र पाल कुशवाहा, रामऔतार राठौर आदि शामिल रहे।