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रंग भूमि जब सिय पगु धारी..

Mon, 09 Oct 2017 11:54 PM IST
शाहजहांपुर
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रामलीला - फोटो : अमर उजाला
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रंग भूमि जब सिय पगु धारी..


खुटार (शाहजहांपुर)।
नगर की रामलीला मेले में सोमवार को वृंदावन के कलाकारों ने धनुष भंग, परशुराम-लक्ष्मण संवाद और श्रीराम विवाह का मनोहारी मंचन कर दर्शकों की तालियां बटोरीं। 
ताड़का का वध करने के बाद विश्वामित्र राम और लक्ष्मण के साथ जनकपुर पहुंचे। दोनों भाई गुरू की आज्ञा लेकर पुष्पवाटिका में फूल लेने गए। उधर, माता सीता भी मां गौरी की पूजा करने के लिए पुष्प वाटिका पहुंची। पूजा करते हुए सीता जी ने भगवान राम को वर के रूप में मांगा। कुछ समय बाद राजा जनक ने सीता जी का स्वयंवर की घोषणा करते हुए कहा कि जो भी शिव धनुष तोड़ेगा, उसी के साथ सीता का विवाह होगा। भगवान राम ने धनुष तोड़ दिया।
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धनुष भंग की जानकारी पाकर भगवान परशुराम स्वयंवर में पहुंचे और क्रोध करने लगे। परशुराम के उग्र स्वभाव को जानने वाले तमाम राजा मौके से खिसक लिए। लक्ष्मण के बार-बार उत्तेजित करने पर क्रोध में आए परशुराम को श्रीराम ने शांत कर उनके धनुष भंग कर दिया। धनुष टूटने पर परशुराम को पता चला कि  भगवान विष्णु ही नरलीला कर रहे हैं। इसके बाद परशुराम तपस्या के लिए वन चले गए। परशुराम के जाने के बाद सीता जी ने श्रीराम को वर माला पहनाई। मेले में भारी भीड़ रही।
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