शिक्षण संस्थाओं में चल रहे समर कैंप में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ती जा रही है। इन कैंपों में बच्चों को उनकी रुचि के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कर्नल एकेडमी का समर कैंप शनिवार को बच्चों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं था। यहां पर बच्चों ने मिट्टी के बर्तन और खिलौने बनाते देखा। घूमते चाक पर किस तरह कुम्हार अपनी उंगलियों के सहारे आकर्षक बर्तन और खिलौने बनाता है, देखकर बच्चे अचंभित हो गए। बाद में बच्चों ने भी कोशिश की, लेकिन उनसे बर्तन कहां बनने वाले थे। कैंप में बाकायदा कुम्हार को बुलाया गया था। उसने स्कूल परिसर में जैसे ही चाक घुमाया कि बच्चे तालियां बजाकर खुश होने लगे। कुम्हार यानी रग्घू काका ने बच्चों को बड़ी ही मासूमियत के साथ चाक चलाने, उस पर गीली मिट्टी रखने, बर्तन बनाने की कारीगरी दिखाई। देखते ही देखते स्कूल परिसर मिट्टी के सोंधेपन से महक उठा। इसके अलावा संगीत, डांस, अभिनय, क्राफ्ट, शतरंज, योग, ताइक्वांडो, पेंटिंग आदि का भी प्रशिक्षण दिया गया। डायरेक्टर नीला चौधरी की देखरेख में चल रहेे कैंप में नरेंद्र, अर्जुन, नितेश, गौरव सक्सेना, शिखा शुक्ला, सईद बेग, वैभव श्रीवास्तव, सुजाता भट्टाचार्या आदि बच्चों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ (एसएसएमवी) में मनाए जा रहे क्रिएटिव स्किल डेवलेपमेंट वीक का समापन हो गया। अंतिम दिन प्रशिक्षणार्थियों के आइटमों का प्रदर्शन भी किया गया। आशीष कुमार, शौर्य रस्तोगी, अभिलाषा, मानवी, आशिका, माही, तुशा, वैष्णवी, श्रेष्ठ गुप्ता, आकाश सिंह, लक्षिता, काव्यांश, नेमल, अंजू, अनुज, ओजल, सुमित गुप्ता, शिवली, शिवांगी, रिचा, मनसा, सान्या, वंशिता, अर्शदीप, मोहित, शिवम, अनुराग, राज, दिव्यांश को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। प्रधानाचार्य लता नायर ने आभार व्यक्त किया।