शाहजहांपुर के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर लगे वाटर कूलर से पानी भरते यात्री। संवाद
शाहजहांपुर। ए क्लास रेलवे स्टेशन पर ठंडे पानी की व्यवस्था ठंडी है। अफसरों का दावा है कि यात्रियों के लिए प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर दो-दो वाटर कूलर लगे हैं, लेकिन भीषण गर्मी में एक ट्रेन के गुजरने के बाद वे नाकाफी साबित हो रहे हैं। इसके चलते ठंडे पानी के लिए यात्रियों को भटकना पड़ रहा है।
बरेली और लखनऊ के बीच में शाहजहांपुर काफी महत्वपूर्ण स्टेशन माना जाता है। इसी कारण स्टेशन को ए क्लास का दर्जा मिला हुआ है। यहां से रोजाना ही 63 जोड़ी ट्रेनें गुजरती हैं। यहां करीब दस हजार टिकट रोज बिकते हैं। इतनी भीड़ होने के बावजूद गर्मी में रेलवे की व्यवस्था पटरी से उतर जाती हैं।
मुसाफिरों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर दो-दो वाटर कूलर लगे हैं, लेकिन उन्हें तलाशने में यात्रियों को काफी दाैड़ लगाना पड़ती है। सामान्य बूथ में गर्म पानी आने पर मजबूरन ठंडे पानी की बोतल को खरीदनी पड़ती है। एक ट्रेन के गुजरने के कुछ अंतराल पर दूसरी ट्रेन आने पर ठंडा पानी मिलना भी मुश्किल हो जाता है।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन को ऊंचा करते हुए डेढ़ साल के बाद ट्रेनों का ठहराव शुरू करा दिया गया। प्लेटफॉर्म पर तैयारियां नहीं हैं। इस प्लेटफॉर्म पर मात्र एक ही वाटर कूलर संचालित हैं। दूसरे को दुरुस्त कराने का कार्य चल रहा है। प्लेटफॉर्म पर पानी के बूथ जोड़ दिए गए हैं, लेकिन बीच में ओवरब्रिज के निर्माण के कारण पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
शाहजहांपुर के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर लगे वाटर कूलर से पानी भरते यात्री। संवाद