शाहजहांपुर/ मिर्जापुर। उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद गंगा में पानी बढ़ने की आशंका के मद्देनजर ढाई घाट का दोआब क्षेत्र रविवार शाम कल्पवासियों से खाली करा लिया गया, जिससे अब वहां सन्नाटा पसरा है। तमाम श्रद्धालु अपने घरों को लौट गए। हालांकि अभी तमाम साधु-संत गंगा तट के समीप ऊंचे स्थानों और खेतों पर टेंट/ राउटी लगाकर कल्पवास कर रहे हैं।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गंगा में अतिरिक्त पानी को हरिद्वार से पहले नियंत्रित कर लिया गया है। बावजूद इसके बुधवार शाम पानी बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए तटवर्ती गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। सोमवार को एसडीएम कलान ने ढाई घाट का दौरा कर कल्पवास कर रहे श्रद्घालुओं विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को बाढ़ का खतरा बताते गये गंगातट की ओर न जाने की हिदायत दी है।
ढाई घाट पर ऊंचाई पर लगे मेले में अलर्ट के बाद भी रौनक बनी हुई है। रविवार से गंगा में जलस्तर कम होने से कुछ श्रद्धालु खाली कराए गए टापू (दोआब) में बसने की तैयारी करने लगे हैं। बदायूं जिले के उसहैत थाना क्षेत्र के ग्राम खारक नगला आश्रम से आए संत हरिदास जी महाराज ने शिष्यों के साथ दोआब में एक बार फिर अपना डेरा जमा लिया है। उनका कहना है कि हरिद्वार में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। बाढ़ का अलर्ट जारी होने के बाद भी श्रद्धालुओं में गंगा मैया के प्रति श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई है। सोमवार को अपराह्न लगभग 3.30 बजे तक श्रद्धालु गंगा स्नान करते दिखे। मेले में आए श्रद्धालुओं ने साधु-संतों के पंडालों में भजन, कीर्तन और प्रवचन का आनंद लिया। एसडीएम से ढाईघाट मेले के निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानदारों ने पंडों द्वारा अबैध वसूली किए जाने की शिकायत की।
गंगा के जलस्तर की मुझे पल-पल की जानकारी हरिद्वार और ऋषिकेश में कल्पवास कर रहे गुरु भाइयों से मिल रही है। वहां स्थिति नियंत्रण में होने से यहां खतरा टल गया है। - संत हरिदास महाराज, ढाईघाट
श्रद्घालुओं को गंगा मैया पर पूरा विश्वास है कि वह अपने भक्तों को कोई कष्ट नहीं होने देंगी। बिना किसी विघ्न बाधा के उनका कल्पवास पूरा होगा। - संत गंगादास, ढाईघाट
रविवार शाम से गंगा का जलस्तर कम हो गया है। मैं मेले से अलग दोआब क्षेत्र में ही कल्पवास करूंगा। जब कोई खतरा होगा, तो ऊंचाई वाली जगह पर चले जाएंगे। - संत हेमदास, ढाईघाट
प्रशासन तो पहले ही गंगा स्नान और कल्पवास पर रोक लगा रहा था। अब पहाड़ पर बादल फटने की सूचना देकर श्रद्घालुओं को भयभीत कर भगाने का प्रयास किया जा रहा है। - संत जसराम दास, ढाईघाट
ग्लेशियर फटने से गंगा में पानी का अतिरिक्त बहाव हरिद्वार में रोक लिया गया है। इसलिए यहां बाढ़ आने के आसार कम हो गए हैं, लेकिन बुधवार शाम तक गंगा में थोड़ा पानी बढ़ सकता है। वर्तमान में भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर गेज से काफी नीचे और माप योग्य नहीं है, लेकिन बुधवार शाम तक जल स्तर में थोड़ी वृद्घि हो सकती है। इसके बावजूद बाढ़ को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है और तटवर्ती गांवों में इसीलिए मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया गया है।
-सुनील कुमार भास्कर, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग