शाहजहांपुर। आजादी के बाद से प्रदेश में विभिन्न दलों की कई सरकारें आईं और चली गईं। मगर जिले की कुछ ग्राम पंचायतेें ऐसी हैं, जहां के लोग कच्चे रास्ते से होकर आते जाते हैं। अब इन गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने की योजना है। इन गांवों के रास्ते पक्के बनाने के लिए करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से 18 किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग बनेेंगे। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने अनुमानित लागत के इस्टीमेट बनाकर नाबार्ड से बजट की स्वीकृति मांगी है। जिन विकास खंडों में नए संपर्क मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं, उनमें कलान ब्लॉक की तीन और खुटार, पुवायां, सिंधौली और जलालाबाद ब्लॉक की एक-एक ग्राम पंचायत शामिल हैं।
जिले की 1077 ग्राम पंचायतों से करीब चार हजार से अधिक मजरा (राजस्व गांव) जुड़े हैं। अधिकांश ग्राम पंचायतें पहले से पक्के संपर्क मार्गों के जरिये जिला मार्गों से जुड़ी हैं, लेकिन उनसे दो से चार किमी के औसत फासले पर बसे तमाम मजरों मेें अभी तक बजरी-कोलतार वाले पक्के संपर्क मार्ग नहीं बन सके। अधिकांश राजस्व गांवों की आबादी कुछ सैकड़ा तक सीमित होने के कारण विकास की दृष्टि से उनकी उपेक्षा होती रही। वोटों के लालच में विकास के काम कराने वाले ग्राम प्रधानों ने भी मजरों की लगातार उपेक्षा की। संपर्क मार्ग नहीं होने से बारिश के दिनों मेें कच्चे मार्गों पर पानी भर जाने से ग्राम पंचायत मुख्यालय से राजस्व ग्रामों तक पहुंचना भी कठिन हो जाता है।
इसे देखते शासन ने लोनिवि अभियंताओं को राजस्व गांवों का सर्वे कर ऐसे गांव चिह्नित करने के आदेश दिए थे, जहां अभी तक पक्के संपर्क मार्ग नहीं बन सके हैं। सर्वे में जिले के विभिन्न विकास खंडों में ऐसे 32 गांव पाए गए, जिन्हें पक्के संपर्क मार्गों की सख्त जरूरत है। इनमें से सात गांवों के संपर्क मार्ग नाबार्ड से बनवाने का इस्टीमेट तैयार किया गया है। इनमें कलान ब्लॉक के छिदकुरी, लक्ष्मणपुर और सुखनैया, सिंधौली में सराय हुलास, पुवायां में दुनवा, खुटार में गेहुंआ और जलालाबाद ब्लॉक में मिघौल गांव के संपर्क मार्ग प्रस्तावित हैं।
कलान क्षेत्र में कच्चे मार्ग बने मुसीबत
कलान। विकास खंड की ग्राम पंचायत सुखनैया के मझरा मकरंदपुर में ग्राम पंचायत सथरा संपर्क मार्ग से 1.5 किमी तक की दूरी तय करने में ग्रामीणों को काफी दिक्कत हो रही है। बरसात के समय गांव तक पहुंचने में उन्हें बहुत कठिनाई होती है। किसी की तबीयत खराब होने पर वहां कोई वाहन नहीं पहुंच पाता। ऐसे में लोग मरीज को चारपाई पर लेकर यह दूरी तय करने को मजबूर होते हैं। ग्राम पंचायत लक्ष्मणपुर के मजरों में भी संपर्क मार्ग नहीं होने से लोग परेशान हैं। इसी तरह ग्राम पंचायत छिदकुरी में भी संपर्क मार्ग बनाने का कई बार प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन उसे स्वीकृति नहीं मिली।
पक्के संपर्क मार्गों के लिए चिह्नित गांवों का विवरण
गांव ब्लॉक मार्ग की लंबाई अनुमानित लागत (लाख रुपये)
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गेहुंआ खुटार 1.80 किमी 139.23
दुनवा पुवायां 2.40 किमी 153.27
सराय हुलास सिंधौली 2.00 किमी 210.00
छिदकुरी कलान 2.80 किमी 239.35
लक्ष्मणपुर कलान 2.20 किमी 184.00
सुखनैया कलान 2.70 किमी 227.04
मिघौल जलालाबाद 4.00 किमी 444.16
सड़ा नाला पर बनेगी आरसीसी पुलिया
जलालाबाद क्षेत्र के मिघौल गांव में लोगों को ग्राम पंचायत तक जाने के लिए कच्चे संपर्क मार्ग के बीच पडने वाले सड़ा नाला को घुसकर पार करना पड़ता है। यही नहीं, मानसून सीजन में नाला उफनाने पर उसे टीन काटकर बनाई गई जुगाड़ बोट या फिर हवा भरे ट्यूब के सहारे तैरकर पार करना पड़ता था। नए संपर्क मार्ग के इस्टीमेट में नाला पर आरसीसी से तीन मीटर चौड़ी और छह मीटर लंबी पुलिया बनाने का काम भी शामिल किया गया है।
नाबार्ड को दो गांवों के संपर्क मार्ग बनाने के बजट प्रस्ताव पहले ही भेजे जा चुके हैं। सात अन्य गांवों में पक्के संपर्क मार्गों के प्रस्ताव भी नाबार्ड को भेजकर बजट मांगा जा रहा है। शासन की नीति के अनुसार सर्वे में चिह्नित किए गए शेष 25 गांवों में संपर्क मार्ग दीनदयाल उपाध्याय और अन्य योजनाओं के तहत बनवाए जाएंगे। बजट की धनराशि प्राप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- ओपी वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड