शाहजहांपुर। सड़क किनारे ठेले या रेहड़ी पटरी पर दुकान लगाकर परिवार चलाने वालों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 10 हजार रुपए तक का कर्ज दिया जाएगा। जिससे उन्हें अपने काम हो बढ़ने में मदद मिल सके। इस योजना के तहत डूडा कार्यालय में अब तक 917 लोगों के आवेदन आ चुके हैं। जिनमें 542 आवेदकों का डाटा ऑनलाइन फीड करा दिया गया है। बैंकों के द्वारा इनके सत्यापन का काम भी शुरू करा दिया गया है, जिससे पात्रों को योजना का लाभ दिया जा सके।
कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के कारण ठेले या रेहड़ी पटरी पर दुकान लगाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इनकी आजीविका पर सबसे अधिक मार पड़ी है। सरकार ने ऐसे लोगों के लिए पीएम स्वनिधि योजना शुरू की है। इसका मकसद ठेले, रेहड़ी पटरी और छोटी दुकान चलाने वालों को सस्ता कर्ज देना है। इसमें वह लोग भी शामिल होंगे जो पहले कोई और काम कर रहे थे, लेकिन लॉकडाउन लगने के बाद कोरोना काल में ठेला, रेहड़ी और पटरी पर दुकान लगाने को मजबूर हैं। इन लोगों में लॉकडाउन के दौरान अपने घरों को वापस लौटने वालों की संख्या ज्यादा हैं, जो अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में जाकर नौकरी और मेहनत मजदूरी करते थे। इन लोगों ने वापस आकर ठेले और रेहड़ी लगाकर सब्जी, फल आदि के छोटे मोटे काम शुरू किए हैं जिससे वो अपने परिवारों का गुजरा कर सकें। ऐसे लोगों को इस योजना के तहत 10 हजार रुपये तक की राशि का कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर ब्याज की दर भी कम होगी।
अभी भी कर सकते हैं आवेदन
योजना के तहत अभी भी आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए डूडा कार्यालय पर जाकर संपर्क करना होगा। इसके अलावा मोबाइल ऐप या पोर्टल से आवेदन कर सकते हैं। इस दौरान किसी तरह की गारंटी नहीं मांगी जाएगी। पहले साल के लिए आवेदक को शुरुआती 10 हजार रुपये कर्ज के रूप में दिए जाएंगे। इसके बाद अगर सही समय पर कर्ज चुका दिया जात है, तो सरकार की तरफ से सात प्रतिशत सब्सिडी भी दी जाएगी। इस योजना में डिजिटल ट्रांजिक्शन की सुविधा मिलेगी।
पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब तक 917 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 542 का डाटा ऑनलाइन फीड करा दिया गया है। इस योजना में कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं है। जितने भी ठेला या रेहड़ी पटरी वाले हैं उन्हें लाभ दिया जाएगा। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। - अतुल पाठक, परियोजना अधिकारी, डूडा शाहजहांपुर।