शाहजहांपुर। हर साल मानसून सीजन मेें कलान तहसील के परौर क्षेत्र में रामगंगा की बाढ़ से आसपास के करीब दो दर्जन से ज्यादा गांवों का अस्तित्व खतरे मेें पड़ जाता है। तटवर्ती गांवों के हजारों लोगों को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए शासन ने वहां 9.05 करोड़ रुपये की लागत से 14 अस्थायी ठोकरों के निर्माण की अनुमति दे दी है। बता दें कि रामगंगा के कालागढ़ बैराज मुख्यालय पर तैनात सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता ने रामगंगा के बहाव क्षेत्र मेें शामिल सात जनपदों के डीएम को पत्र भेजकर पहले ही अवगत कराया है कि बैराज ओवर फ्लो होने के कारण कभी भी अतिरिक्त पानी रिलीज होने की संभावना है। इसे देखते हुए बाढ़ से बचाव की तैयारियां पहले से कर ली जाएं। यह चेतावनी जारी होने के बाद बीते दिन सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने परौर में मौका मुआयना किया और विधायक वीर विक्रम सिंह ने ठोकरों के निर्माण को भूमि पूजन किया।
बता देें कि कालागढ़ रामगंगा बैराज के अधीक्षण अभियंता आरके अग्रवाल ने जनपद समेत मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, बरेली, औ र फर्रुखाबाद के जिलाधिकारियों को निकट भविष्य में बाढ़ की चेतावनी से संबंधित पत्र जारी कर कहा है कि बैराज में पानी बढ़ रहा है। सामान्य वर्षा होने पर 25 से 75 हजार क्यूसेक पानी रिलीज होता है और बारिश के सीजन मेें बैराज से बहाए गए पानी की मात्रा बढ़कर 1.25 लाख क्यूसेक तक हो जाती है, लेकिन अति वर्षा होने की दशा में 1.75 लाख क्यूसेक से अधिक पानी बहाया जाता है। एसई, अग्रवाल के अनुसार वर्ष 1978, 1990, 1998, 2000 और 2010 में भारी मात्रा अतिरिक्त पानी की निकासी से रामगंगा में बाढ़ आ चुकी है।
वर्ष 2010 में अति वर्षा के दौरान दो लाख क्यूसेक पानी बहाने से परौर क्षेत्र में रामगंगा के तटवर्ती गांवों को बाढ़ की भयंकर विभीषिका झेलनी पड़ी थी। इससे पहले वर्ष 1999 में परौर के मजरा मंझा और नरायननगर पूर्वी रामगंगा की भेंट चढ़ चुके हैं। बाद के वर्षों में रामगंगा ने परौर के मोहल्ला बाजार समेत मजरा नरायनगर पश्चिमी और मोहनपुर को अपने निशाने पर ले लिया। तभी से क्षेत्र के ग्रामीण परौर ब परौर के मजरों को बचाने के लिए ठोकरों की मांग करते चले आ रहे हैं। सिंचाई विभाग ने कई बार नदी से कटान रोकने के लिए बम्बू क्रेट लगाए और बोरियों में रेत भर के डाली, लेकिन रामगंगा के कटान पर कोई फर्क नहीं पड़ा। गत वर्ष कटान रोकने के लिए जियो ट्यूब लगाए गए, लेकिन उनसे भी कटान रोकने में कोई खास मदद नहीं मिली। चुनाव जीतकर क्षेत्र भ्रमण पर आए कटरा क्षेत्र के विधायक वीर विक्रम सिंह से क्षेत्र के लोगों ने परौर को बचाने के लिए स्थायी ठोकरें लगवाने की मांग की।
विधायक ने क्षेत्र की लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रयास शुरू किए और तत्कालीन डीएम के माध्यम से ठोकरों का प्रस्ताव शासन को भिजवाकर कर उसे मंजूरी दिलाई। भूमि पूजन को आए विधायक ने बताया कि रामगंगा पर ठोकरों के निर्माण के लिए नाबार्ड से 9.05 करोड़ रुपये बजट की स्वीकृत मिली है। ठोकरों का निर्माण कार्य सिंचाई विभाग की निगरानी में ठेकेदार के माध्यम से कराया जाएगा। भूमि पूजन के समय सिंचाई विभाग के एक्सईएन आरके वर्मा, अवर अभियंता अनूप कुमार एवं एसके मिश्रा, मुनेंद्र यादव, राजीव सिंह, जयवीर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, प्रधान पति अजयपाल सिंह, सत्यपाल सिंह, पुष्पेंद्र गुप्ता, सुखलाल कश्यप आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
इस बार जिओ ट्यूब की ठोकरें नई तकनीक से सीमेंट के आधार पर लगाई जाएंगी। इससे नदी में बहाव तेज होने पर भी ठोकरें अपनी जगह पर बनी रहेंगी। स्वीकृत बजट की धनराशि अभी प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन आरंभिक कार्य शुरू करा दिया गया है।
-आरके वर्मा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग