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अनलॉक 1.0: रोडवेज की अंतर्जनपदीय सेवाएं शुरू, यात्रियों की हुई जांच

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बसों का संचालन शुरू होने पर रोडवेज के सामाने लगी भीड़ । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। अनलॉक 1.0 के पहले दिन सोमवार से परिवहन निगम की अंतर्जनपदीय सेवाएं शुरू हो गईं। शाहजहांपुर से दिल्ली रूट पर सुबह नौ बजे 37 सवारियों को लेकर पहली बस रवाना हुई। इसी तरह सीतापुर, लखनऊ मार्ग पर 32 यात्रियों को लेकर पहली बस चली। इनके अलावा पुवायां, बंडा, खुटार, जलालाबाद, तिलहर, मीरानपुर कटरा आदि मार्गों पर भी बसों का संचालन शुरू हो गया।
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यहां रोडवेज में 184 अनुबंधित बसें हैं। इनमें से 60 बसें प्रवासी मजदूरों को उनके ठिकानों तक पहुंचाने के लिए लगाई गई हैं। लॉकडाउन के तीसरे चरण में जनपद ग्रीन जोन में आने पर करीब एक दर्जन बसों का छह मई से जिले के अंदर संचालन शुरू हुआ, लेकिन पर्याप्त यात्री नहीं मिलने से रोडवेज डिपो को डीजल खर्च की तुलना मेें आय कम हुई। कलान क्षेत्र मेें कोरोना पाजिटिव केस मिलने पर आठ दिन बाद रोडवेज सेवा रोक दी गई।
स्टेशन प्रबंधक संजीव निगम और फोरमैन बृजेश त्रिवेदी ने रविवार शाम विभागीय कार्यशाला और स्टेशन पर खड़ी करीब 50 बसों को सैनिटाइज कराया। अधिकारियों को उम्मीद थी कि लॉकडाउन खुलने पर जिले के अंदर और आसपास के जनपदों को जाने के लिए पर्याप्त यात्री मिलेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
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सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एसके वर्मा ने बसों की रवानगी के लिए रनिंग स्टाफ में शामिल चालकों, परिचालकों और तकनीकी कर्मचारियों को मंगलवार सुबह सात बजे स्टेशन पर बुला लिया। पूछताछ काउंटर पर सुबह आठ बजे से सीतापुर, लखनऊ, दिल्ली जाने वालों ने बसों की टाइमिंग पूछनी शुरू की तो अधिकारियों ने थर्मल इमेजर से उनके स्वास्थ्य की जांच कराकर निर्धारित मार्गों की बसों में बिठाना शुरू कर दिया, लेकिन सुबह नौ बजे तक किसी भी बस में इतने यात्री नहीं हो सके कि उन्हें रवाना किया जा सके। अधिकारियों का कहना था कि कम से कम 30 यात्री होने पर ही बसें रवाना होंगी।
इस व्यवस्था के कारण दिल्ली, लखनऊ और पलिया रूट की बसेें सुबह नौ बजे से 11 बजे के बीच रवाना हो सकीं। यात्रियों के इंतजार में बसें खड़ी रहने से पलिया की बस मेें बैठे पुवायां, बंडा, खुटार और दिल्ली रूट की बस पर सवार कांट, जलालाबाद के कई यात्री उतरकर सवारियां ढोने वाले अन्य वाहनों से चले गए। एआरएम वर्मा के अनुसार पहले दिन जिले के अंदर जाने वाले लोकल रूट के यात्री बहुत कम मिले, लेकिन बसेें चलने की जानकारी होने पर दो-चार दिन में यात्रियों की संख्या बढने की उम्मीद है।
ट्रैवल एजेंसियों पर वाहनों की मांग सीमित
जिले में छोटी-बड़ी लगभग 70-80 ट्रैवल एजेंसियां हैं, लेकिन परिवहन विभाग में गिनी-चुनी ट्रैवल एजेंसियां पंजीकृत हैं। निजी वाहनों की बुकिंग करने वालों को भी पहले दिन कारोबार में मंदी का सामना करना पड़ा। इन एजेंसियों पर तमाम लोगों ने दिल्ली, गुरुग्राम, नैनीताल के लिए वाहन बुक कराने चाहे, लेकिन राज्यों के बार्डर सील होने से एजेंसी संचालकों ने बुकिंग नहीं की। ट्रैवल एजेंसी संचालक जितेंद्र शर्मा जीतू के अनुसार अभी लोग केवल मेडिकल ट्रीटमेंट अथवा अन्य जरूरी कामों से लखनऊ, बरेली, कानपुर के लिए गाडिय़ों की मांग कर रहे हैं और कारोबार पटरी पर आने में एक-दो माह का वक्त लग सकता है।
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