शाहजहांपुर। किसानों पर सख्ती और जुर्माना लगाने के बावजूद जिले में धान कटाई के बाद फसल का अपशिष्ट (पराली) खेत में ही जलाए जाने को डीएम ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने जिला और तहसील स्तर पर सचल दलों का गठन करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को न्याय पंचायतें आवंटित कर दी हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि सचल दल के सभी सदस्य निरंतर अपने क्षेत्र में भ्रमण पर रहें और पराली जलाए जाने की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित थाने में सूचना दें। किसी अन्य माध्यम से पराली जलाने की सूचना मिलने पर सचल दल में नियुक्त अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि खेतों में पराली जलाने से रोकने के लिए जिला और तहसील स्तर पर सचल दलों का गठन किया गया है, जिसमें 124 अधिकारियों को शामिल किया गया है। पराली जलाने पर जुर्माना लगाने के बावजूद ऐसी घटनाएं रोज सामने आ रही हैं, जिसकी पुष्टि सैटेलाइट से भी हुई है। यह स्थिति अत्यंत शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि सचल दलों के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वह अपने न्याय पंचायत क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करते रहें और यदि पराली जलाने की कोई घटना संज्ञान में आती है, तो उसकी सूचना संबंधित थानाध्यक्ष को देकर विधिक कार्रवाई कराई जाए। साथ ही कार्रवाई की सूचना और अपनी आख्या उप कृषि निदेशक/जिला कृषि अधिकारी की मेल पर देना सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने कहा कि यदि किसी अन्य स्रोत से पराली जलाने की जानकारी उन तक पहुंचती है, तो क्षेत्र के नियुक्त अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।