शाहजहांपुर। गर्मी बढ़ने के साथ चल रही तेज हवा से आग अपना कहर बरपा रही है। सोमवार को जिले में जैतीपुर और कांट में लगी आग से कई एकड़ फसल जल गई। बंडा में चूल्हे से निकली चिंगारी से घर में आग लगने से सारा सामान जल गया।
जैतीपुर। गांव मकरंदपुर, जगदीशपुर में सोमवार दोपहर तीन बजे गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई। इससे पांच एकड़ गेहूं की फसल जल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने लोगों की सहायता से आग पर काबू पाया। पीड़ित किसानों में मकरंदपुर और जगदीशपुर निवासी धीरपाल, बलराम, जगदीश हैं।
कांट। थाना क्षेत्र के ग्राम भुड़िया में खेत पर गेहूं की कटाई के समय अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई। आग से कई बीघा गेहूं की फसल जल गई। मौके पर खड़ी कंबाइन भी आग की चपेट में आ गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना के काफी देर बाद ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। सूचना मिलने पर लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया। पीड़ित किसानों में दिवारीलाल, हवलदार, शिवकुमार, रमेश पाल, ओमपाल, श्रीकृष्ण, रामकिशोर, नरसिंह पाल आदि शामिल हैं।
बंडा में आग से तीन घर जले
बंडा। खाना बनाते समय चूल्हे से निकली चिंगारी से लगी आग में तीन घर जल गए। आग में हजारों की कीमत का घरेलू सामान जल गया।
रायटांडा गांव निवासी जय सिंह ने बताया उसके भाई मान सिंह के मकान की छत पर छप्पर पड़ा हुआ था। सोमवार सुबह उसके भाई की पत्नी चूल्हे पर खाना बना रही थी। इस दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आग लगने से छप्पर के नीचे रखा घरेलू सामान जल गया। कुछ ही देर में आग पड़ोसी रामकुमार और भीकम के घर तक पहुंच गई। राम कुमार के घर में रखा छह क्विंटल गेहूं जल गए। भीम सिंह के घर में पांच क्विंटल गेहूं जल गए। चीख पुकार मचने पर जमा हुए लोगों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।
एक सप्ताह में सैकड़ों एकड़ फसल जली
पिछले एक हफ्ते में कांट, सिंधौली, तिलहर, मीरानपुर कटरा, जैतीपुर, जलालाबाद आदि क्षेत्रों में कई किसानों की सैकड़ों बीघा फसल आग से नष्ट हो चुकी है। अधिकतर जगहों में जलती बीड़ी, हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी या अज्ञात कारण से आग लगने की वजह सामने आई है। सीमित संसाधनों के कारण फायर ब्रिगेड समय से नहीं पहुंच पाती और ग्रामीणों को ही आग बुझानी पड़ती है।
आग से बचाव को ये बरतें सावधानी
मुख्य अग्निशमन अधिकारी रेहान अली ने बताया कि इस समय तेज हवायें चल रही हैं, जो आग फैलाने का मुख्य कारण बनती हैं। किसानों को समय रहते फसल काट लेना चाहिए। गर्मी के मौसम में बिजली के तारों की लंबाई बढ़ने पर तार ढीले हो जाते हैं। तेज हवाओं के चलते तार आपस में टकराते हैं, जिससे चिंगारी निकलने पर आग लग जाती है। खेतों के ऊपर से निकलने वाले तार अगर ढीले हो जायें तो तत्काल विद्युत निगम को सूचना दें। फसल के आसपास बीड़ी-सिगरेट पीने से बचें। कुछ जगह ऐसी होती हैं, जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच पाती है। वहां के किसान ट्रैक्टर या अन्य जगह पर पानी का इंतजाम रखें। ताकि आग लगने पर तत्काल काबू पाया जा सके।