शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-24) पर बरेली मोड़ से लेेकर रोजा रेलवे ओवर ब्रिज तक सड़क का हाल बहुत खराब हो चुका है। हाईवे के इस हिस्से को फोरलेन बनाने के लिए पुत्तूलाल चौराहा से लेकर रोजा अड्डा तक लॉकडाउन के पहले गत मार्च महीने में सड़क के दोनों ओर खोदे गए फुटपाथ अभी तक उखड़े पड़े हैं। इसके अलावा रोजा अड्डा से लेकर मंडी समिति के आगे नेवाजपुर तक गड्ढों को भरने के लिए दो महीने पहले कराया गया पैचवर्क भी खराब होने लगा है। सड़क पर लगाए गए बजरी-कोलतार के पैबंद बारिश में उखड़ने से गड्ढे दोबारा उभरने लगे और उनकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
राज्य योजना से फोरलेन का निर्माण प्रस्तावित
एनएच-24 पर रोजा अड्डा से लेकर पुत्तू लाल चौराहे तक फोरलेन का निर्माण कार्य राज्य योजना के बजट से होना है क्योंकि हाईवे का यह हिस्सा महानगर क्षेत्र में आ रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी इसी बहाने बरेली मोड़ से लेकर मंडी बाईपास तक हाईवे को उपेक्षित किए हुए हैं। बरेली मोड़ बाईपास से आगे रॉयन इंटरनेशनल स्कूल के पास हाईवे पर गड्ढों में मामूली बरसात के बाद जलभराव हो जाता है। स्कूल से पहले गर्रा और खन्नौत के नए पुलों के पास भी सड़क कई जगह खराब हो चुकी है। बारिश मेें बजरी-कोलतार की ऊपरी परत उधड़ने के बाद रोड में दरारें पड़ रही हैं।
उधड़ा पैचवर्क खोल रहा गुणवत्ता की पोल
रोजा अड्डा चौराहा स्थित रेलवे ब्रिज से लेकर मंडी समिति के नेवाजपुर की ओर खुलने वाले गेट तक हाईवे का करीब दो किमी लंबा हिस्सा गड्ढों से छलनी हो चुका है। यह मार्ग चौड़ा करने के लिए राज्य योजना से बजट स्वीकृत होने के बाद सड़क की दोनों पटरियां पिछले साल जेसीबी से खोदी गईं। फिर पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने कुछ स्थानों पर दोनों साइडों में पत्थर डलवाया। मार्च में होली से पहले तक दोनों फुटपाथों पर कुछ दूरी तक रोड रोलर चलाकर पत्थरों को समतल कर दिया गया लेकिन फुटपाथ के बाकी हिस्सों को वैसा ही छोड़ दिया गया। जून में बारिश शुरू होने पर गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाएं बढ़ीं तो क्षेत्रवासियों के आवाज उठाने पर बजरी-कोलतार से गड्ढे भरवा दिए गए लेकिन इस काम में गुणवत्ता की अनदेखी की गई। इसके चलते बमुश्किल दो महीनों में ही पैचवर्क उखड़ने लगा है।
गड्ढों से थमी रफतार, लग रहा जाम
मंडी गेट से लेकर रोजा अड्डा तक फुटपाथ खराब होने और सड़क में गड्ढों की वजह से जाम की समस्या बढ़ गई है। धान और गेहूं खरीद के सीजन में खाद्यान्न की आवक बढ़ने पर अक्सर जाम में ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, मिनी ट्रक फंसने की दशा में मंडी से लेकर रोजा रेलवे ब्रिज और उससे आगे जमुका दोराहा तक वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। मंडी गेट के ठीक सामने और नेवाजपुर में एक पेट्रोल पंप के पास रोड के किनारे का हिस्सा इतना खराब है कि वहां तालाब बन गए हैं और वाहनों की रफतार थमने से यहां अक्सर जाम लग जाता है। यही हाल, मंडी के हाईवे बाईपास से लेकर पुत्तू लाल चौराहा तक है। गनीमत है कि इस हिस्से में ओवरब्रिज तेजी से निर्माणाधीन है। यह पुल बन जाने पर मेजबान के बगल से निकला अहमदपुर रेती का रास्ता मंडी बाईपास से पहले सीधे हाईवे से जुड़ जाएगा।
लॉकडाउन लागू होने से पहले उखाड़े गए फुटपाथ पर डाले गए पत्थरों को समतल करने का काम कुछ दिन चला लेकिन तब से कोई पलटकर नहीं आया। इन दिनों ज्यादा धूल नहीं उठ रही लेकिन हर समय दुकान के आगे वाहन पलटने का खतरा बना रहता है।
-दीपक कुमार, ट्रांसपोर्टर, रोजा
बारिश से पहले मांग करने पर गड्ढे पाटने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया तो हम लोगों ने चंदा करके गड्ढों में मिट्टी भराई जो बारिश में बह गई। बाद में रस्म निभाने भर को पैचवर्क किया गया। दो दिन पहले एक बाइक सवार गड्ढे में गिरकर घायल हो गया।
-रवि गुप्ता, व्यवसायी, नेवाजपुर
एनएच-24 के शहरी हिस्से को फोरलेन बनाने के लिए राज्य योजना से बजट बीते वर्ष स्वीकृत हो चुका है। इसलिए सड़क के निर्माण कार्य में बार-बार रुकावट समझ से परे है। इस बारे में पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों और संबंधित ठेकेदार को बुलाकर निर्माण कार्य जल्द कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
-रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन