शाहजहांपुर। सिटी अस्पताल का प्रस्ताव अटक गया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से छह माह पहले भेजे गए प्रस्ताव पर अब तक शासन से कोई जवाब नहीं आया। इस कारण बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिलेवासियों को इंतजार करना पड़ेगा।
अजीजगंज में स्थापित जिला अस्पताल को वर्ष 2018 में राजकीय मेडिकल कॉलेज बना दिया गया था। बावजूद वहां बेहतर सुविधाएं नहीं हैं। डेंगू-मलेरिया के सीजन में बेड तक मिलना मुश्किल हो जाते हैं। वहीं, पुवायां तहसील के गांवों से आने वाले मरीजाें और शहर के लोगों को पूरा शहर पार कर अस्पताल जाना पड़ता है। जाम लगने से गंभीर मरीजों को पहुंचना मुश्किल होता है।
मरीजों को बेहतर उपचार देने के सीएमओ कार्यालय परिसर में 100 बेड का जिला अस्पताल बनाए जाने का प्रस्ताव पिछले वर्ष अक्तूबर में भेजा गया था। महानिदेशक को भेजे प्रस्ताव में कहा गया था कि परिसर में बने 80 साल पुराने क्वार्टर और भवन को तोड़कर 80 गुणा 40 मीटर भूमि उपलब्ध हो सकती है। यह अस्पताल के डबल स्टोरी भवन बनाने को पर्याप्त होगी। प्रस्ताव को भेजे जाने के बाद भी अब तक कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में अधिकारी भी शांत होकर बैठ गए। अधिकारियों के अनुसार, चुनाव के बाद इस मुद्दे पर प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
यह भी जानें
1500 से अधिक मरीज राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना पहुंचते हैं।
330 बेड का राजकीय मेडिकल कॉलेज है।
100 बेड अतिरिक्त होने पर भी मरीजों को बेड नहीं मिल पाता है।
16 सीएचसी जिले में स्वास्थ्य विभाग की संचालित होती है।
150 से अधिक मरीज पुराने अस्पताल में संचालित शहरी पीएचसी में आते हैं।
-सिटी अस्पताल का प्रस्ताव गत वर्ष महानिदेशक को भेजा गया था। वहां से शासन से फाइल जाएगी। इसके बारे में निर्णय शासन से होना है।
डॉ. आरके गौतम, सीएमओ