चिन्मयानंद को 137 वें दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत तो मिल गई लेकिन अभी उन्हें कुछ दिन और जेल में बिताने पड़ेंगे। हाईकोर्ट से जमानत मंजूरी के प्रपत्र आने और जमानत के प्रपत्र सत्यापन के बाद ही उनकी रिहाई हो सकेगी। जमानत मंजूर होने की जानकारी मिलने पर उनके वकील ओम सिंह ने जेल पहुंचकर चिन्मयानंद से मुलाकात की। जेल में चिन्मयानंद से क्या बात हुई। इस पर वह चुप रहे, लेकिन जमानत मंजूरी को न्याय का फैसला बताया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश राहुल चतुर्वेदी ने चिन्मयानंद की जमानत मंजूरी का फैसला सुनाते हुए आदेशित किया कि चिन्मयानंद के खिलाफ और उनसे फिरौती मांगने का मामला एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। इसलिए दोनों ही मामलों की सुनवाई लखनऊ जोन की लोअर कोर्ट में की जाए। वहीं शाहजहांपुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने भी दोनों ही मामलों की सुनवाई एक साथ करने के लिए सोमवार को प्रार्थना पत्र दिया।