शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ चल रहे दुष्कर्म के पुराने मामले में 14 फरवरी को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई होगी। कोर्ट ने इस सुनवाई के दौरान चिन्मयानंद की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट से लिए गए स्टे की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म का पुराना मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहा है। उनकी शिष्या ने वर्ष 2011 में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने, गले में रस्सी से फंदा कसकर जान से मारने की कोशिश और बार-बार गर्भपात कराने आदि का आरोप लगाया था। शिष्या ने इस मामले की 30 नवंबर 2011 को चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें विवेचना अधिकारी ने चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म और धमकाने के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए चिन्मयानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से 25 जुलाई 2018 से स्टे ले रखा है। 31 जनवरी की तारीख पर कोर्ट ने चिन्मयानंद के वकील से स्टे के संबंध में वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था। मगर उनके वकील स्टे की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट पेश नहीं कर पाए, तब कोर्ट ने सुनवाई के लिए 14 फरवरी की तारीख तय की थी।