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छात्रा और चिन्मयानंद प्रकरण: पुलिस के अधिकारी, इंसपेक्टर और दरोगा पर गिर सकती है गाज

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शाहजहांपुर। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण में एसआईटी ने चार्जशीट सीजेएम कोर्ट में भले ही दाखिल कर दी है, लेकिन इस मामले से जुड़े कुछ लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। एसआईटी की जांच के दौरान पुलिस और एसएस लॉ कॉलेज प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। एसआईटी दोनों के खिलाफ अलग-अलग रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजेगी। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एक पुलिस अफसर, इंस्पेक्टर और दरोगा पर गाज गिर सकती है। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन भी कार्रवाई के घेरे
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पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद के मुमुक्षु आश्रम परिसर में एसएस लॉ कॉलेज है, जिसके हॉस्टल में रहकर पीड़ित छात्रा एलएलएम कर रही थी। 22 अगस्त को चिन्मयानंद के मोबाइल पर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का मैसेज पहुंचा था, जिसे उन्होंने अपने वकील ओम सिंह को भेजा था। ओमसिंह ने मैसेज एक अधिकारी को फारवर्ड करके कार्रवाई के लिए कहा था। 23 अगस्त 2014 को छात्रा हॉस्टल से लापता हो गई थी। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ था। अगले दिन 24 अगस्त को छात्रा ने चिन्मयानंद पर शोषण का आरोप लगाते हुए फेसबुक पर वीडियो वायरल किया था। 25 अगस्त की शाम पिता की ओर से चिन्मयानंद के खिलाफ उन पर छात्रा का अपहरण, दुष्कर्म और शारीरिक शोषण का आरोप लगाते हुए चौक कोतवाली में तहरीर दी गई थी। उसी रात 2:20 बजे चिन्मयानंद के वकील ओमवीर की ओर से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसकी जानकारी 26 अगस्त को अधिवक्ता ओम सिंह ने मीडिया को दी थी। तहरीर देने के दो दिन बाद 27 अगस्त की रात करीब 10 बजे चौक कोतवाली में छात्रा के पिता की ओर से चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण, जान से मारने की धमकी देने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई। 28 अगस्त को छात्रा को खोजने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई थीं। 30 अगस्त को छात्रा और उसका दोस्त संजय राजस्थान के दौसा में पुलिस को मिले थे। छात्रा के पिता ने तहरीर बदलने का आरोप लगाया था। कॉलेज प्रशासन पर सबूत मिटाने का आरोप लगाया था।
एसआईटी ने दो महीने की विवेचना के दौरान दोनों पक्षों के हर उस व्यक्ति ने पूछताछ की जिसका चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण से जरा भी जुड़े होने का पता चला। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच के दौरान इस प्रकरण में पुलिस की शुरूआत में लापरवाही बरतने की बात सामने आई है। चिन्मयानंद के मोबाइल पर पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मैसेज आने की जानकारी उनके वकील ओमसिंह की ओर से 22 अगस्त को ही एक अधिकारी को दे दी गई थी। मगर ओम सिंह की ओर से रिपोर्ट 25 अगस्त की रात में दर्ज की गई थी। छात्रा के पिता ने तहरीर 25 अगस्त को दी गई थी, जिस पर रिपोर्ट दो दिन बाद 27 तारीख को लिखी गई थी। तहरीर बदलवाने के लिए छात्रा के पिता पर अफसरों का दबाव बनाने का भी आरोप है। उधर, छात्रा का घर नजदीक होने के बावजूद उसे हॉस्टल का कमरा देने से कॉलेज प्रशासन संदेह के घेरे में है। छात्रा की मां को नौकरी देने की तैयारी थी। कॉलेज में कुछ नियुक्तियों पर भी एसआईटी का संदेह है। चिन्मयानंद के फाइनेंशयल, व्यक्तिगत और व्यवहारिक सारे मामले कॉलेज प्रशासन देखता था। इस प्रकरण की जानकारी प्रशासन और पुलिस का न देने से भी कॉलेज प्रशासन संदेह के घेरे में है। पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसआईटी ने पुलिस और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही थी। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की रिपोर्ट पर पुलिस के एक अधिकरी इंस्पेक्टर व दरोगा और कॉलेज प्रशासन पर कार्रवाई हो सकती है।
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