शाहजहांपुर। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण में एसआईटी के चार्जशीट तैयार करने के बाद भाजपा के कई नेताओं, एक पूर्व विधायक, एसएस कॉलेज के प्रिसिंपल, एसएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य कई कर्मचारियों और मुमुक्षु आश्रम से जुड़े लोगों ने खासी राहत महसूस की। एसआईटी ने उस टैक्सी ड्राइवर को गवाह बनाया है, जिसने छात्रा और उसके दोस्तों को फिरौती मांगने संबंधी वीडियो बनाया है। इससे टैक्सी ड्राइवर को भी राहत मिल गई।
दरअसल विवेचना के दौरान एसआईटी ने तमाम लोगों से पूछताछ की थी। इन सभी लोगों को डर था कि कहीं उन्हें इस मामले में मुल्जिम न बना दिया जाए। शहर में आए दिन तरह-तरह की चर्चाएं भी उड़ती रहती थीं। एसआईटी के चार्जशीट तैयार करने के साथ इन चर्चाओं पर भी ब्रेक लग गया। अब चर्चा इस बात की है कि चिन्मयानंद प्रकरण में आरोपी बने डीपीएस और अजीत सिंह अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट जा सकते हैं। विवेचना के दौरान संदेह के घेरे में आए कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसआईटी शासन को लिखा है।