शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती संबंधी मेसेज का डाटा लेने के लिए उनके वकील ओम सिंह ने अपना मोबाइल एसआईटी को दिया था। अब उन्होंने अपना मोबाइल लौटाने के लिए अदालत में अर्जी दी है। सीजेएम कोर्ट ने कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
एलएलएम की छात्रा और उसके तीनों दोस्त सचिन, संजय और विक्रम ने चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। चिन्मयानंद के मोबाइल पर फिरौती संबंधी व्हाट्सएप मेसेज 22 अगस्त को भेजा गया था। चिन्मयानंद ने फिरौती मांगने वालों पर कार्रवाई कराने के लिए मेसेज अपने अधिवक्ता ओम सिंह को भेज दिया था। पांच करोड़ की फिरौती मांगने के आरोप में एसआईटी छात्रा एवं उसके तीनों दोस्त, संजय, सचिन और विक्रम सिंह उर्फ दुर्गेश को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि दुष्कर्म के आरोप में चिन्मयानंद भी जेल में हैं।
जांच कर रही एसआईटी को सबूत के तौर पर चिन्मयांद के मोबाइल से फिरौती मांगने वाले मेसेज का डाटा चाहिए था। मगर चिन्मयानंद का मोबाइल लखनऊ फोरेंसिक लैब भेजा गया तो उसमें मेसेज डिलीट था। डाटा न मिलने का पता लगने पर चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने 22 सितंबर को अपना मोबाइल एसआईटी को सौंपा था। फोरेंसिक लैब में जांच के दौरान ओम सिंह के मोबाइल में पांच करोड़ की फिरौती मांगने संबंधी मेसेज मिल गया था। हालांकि बाद में चिन्मयानंद का मोबाइल भोपाल फोरेंसिंक लैब भेजा गया, जहां उनके मोबाइल से फिरौती संबंधी व्हाट्सएप मेसेज का डाटा रिकवर हो गया।
ओम सिंह ने अपना मोबाइल लेने के लिए बुधवार को सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी। सीजेएम ने इस संबंध में कोतवाली पुलिस ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद अधिवक्ता का मोबाइल लौटाने का कोर्ट की ओर से आदेश जारी हो सकता है। हालांकि बुधवार को ओम सिंह की ओर से दी गई अर्जी में चिन्मयानंद का मोबाइल लौटाने का कोई जिक्र नहीं किया गया है।