शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मामले में रिमांड पर जेल से बाहर आए सचिन उर्फ सोनू और विक्रम सिंह की निशानदेही पर एसआईटी राजस्थान के दौसा से फिरौती मांगने के मुख्य आरोपी संजय की शर्ट और मोबाइल का कवर व कुछ पार्ट्स बरामद कर पाई। जबकि तलाश मोबाइल की है, जिसमें अहम साक्ष्य छिपे हैं। इसे प्राप्त करने को एसआईटी के कुछ लोग अभी दौसा में डेरा डाले हुए हैं।
चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण में दर्ज दो एफआईआर पर जांच कर रही एसआईटी को छात्रा के दोस्त तिलहर के गांव बंथरा निवासी संजय से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हाथ लगे थे। इसके बाद ही एसआईटी की जांच स्वामी से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मामले में तेज हुई। संजय के साथी सचिन और विक्रम के जरिये पता लगा कि संजय के मोबाइल और लाल चेकदार शर्ट को दोनों ने राजस्थान में मेंहदीपुर से दौसा भरतपुर मार्ग पर महेबा बाईपास पर सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था। बताया जा रहा है कि संजय के इस मोबाइल में स्वामी चिन्मयानंद और छात्रा से जुड़े अहम साक्ष्य मौजूद हैं।
संजय के मोबाइल की बरामदगी के लिए एसआईटी को 24 सितंबर को सचिन और विक्रम को 95 घंटे की रिमांड पर लेना पड़ा। एसआईटी दोनों को लेकर दौसा में उस स्थान तक गई, जहां मोबाइल फेंका गया था लेकिन यहां झाड़ियों में उसे मोबाइल नहीं मिला। इधर, रिमांड अवधि पूरी होते देख दोनों को शुक्रवार देर शाम जेल में दाखिल कर दिया गया।