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साधु-संत बोले-चिन्मयानंद ने सनातन परंपरा को किया शर्मसार

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पुवायां (शाहजहांपुर)। दुष्कर्म के आरोप में फंसने के बाद चिन्मयानंद को संत समाज अब संत नहीं मानता है। साधु संतों का कहना है कि चिन्मयानंद ने सनातन संत परंपरा का अपमान किया है। इसके किए उन्हें सजा मिलनी ही चाहिए। कुछ साधु संत यह भी मानते हैं कि पूरे मामले में छात्रा भी कम गुनहगार नहीं है। उसने भी साजिश रचकर अपराध किया है जिसकी सजा उसे भी मिलनी चाहिए। चिन्मयानंद को संत समाज क्षमा नहीं कर सकता।
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चिन्मयानंद ने जो किया वह अत्यंत ही शर्मनाक अपराध है। उन्होंने सनातन संत परंपरा को शर्मसार किया है। इसकी कठोर सजा उन्हें मिलनी चाहिए। छात्रा और उसके साथियों के जो वीडियो सामने आए हैं उससे साफ है कि पूरा मामला योजना बनाकर ब्लैकमेलिंग के लिए रचा गया। यह भी अपराध है, इसके दोषी भी दंडित होने चाहिए।
- संत रमेश गिरि, सुनासिरनाथ स्थान बंडा
इस तरह के कृत्य सामने आने पर संत समाज का चिन्मयानंद को निकालने का निर्णय सही है। पूरा संत समाज इस मामले में कड़ी कार्रवाई का पक्षधर है। इससे संत समाज में अच्छा संदेश जाएगा।
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- सुरेश चंद्र, पुजारी हरेराम पक्का तालाब मंदिर पुवायां
संतों ने जो फैसला किया है वह सही है। मैं उनके निर्णय के साथ हूं। बाकी मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हों उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।
- बाबा त्यागी परमहंस महाराज, स्थान लालगिरि बाबा महाराज खुटार
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने जो निर्णय लिया है वह पूरी तरह से सही है। एक व्यक्ति के इस तरह के कृत्य से पूरा संत समाज बदनाम होता है। इस तरह के कृत्य करने वाला संत नहीं हो सकता।
- महंत सुखदेव मुनि, पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन कुटिया हरिद्वार, शाखा पुवायां
संत समाज का भला करने और लोगों को सही रास्ता दिखाने के लिए होते हैं। चिन्मयानंद ने जो किया वह संत परंपरा पर भारी कुठाराघात है। कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
- बाबा सहजराम, पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन कुटिया हरिद्वार, शाखा पुवायां
चिन्मयानंद के साथ खड़े हैं नैमिष पीठ के संत
शाहजहांपुर। संत समाज के अग्रणी व नैमिष पीठ में नारदानंद सरस्वती आश्रम के ज्ञानी जी महाराज ने कहा कि चिन्मयानंद को एक साजिश के तहत दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। नैमिष पीठ के सैकड़ों संत उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मालिश अगर अपराध होता तो बड़े-बड़े शहरों में मसाज केंद्र खोलकर सरकार उनसे टैक्स क्यों वसूल रही है। उन्होंने कहा कि जो संत चिन्मयानंद का विरोध कर रहे हैं, वह उंगलियों पर गिने जाने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी से फिरौती मांगने के आरोप में लड़की को भी जेल भेजा जाना चाहिए।
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