उद्योगपति माधौ गोपाल अग्रवाल और राजपाल यादव
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चेक बाउंस मामले में फिल्म अभिनेता राजपाल यादव जमानत पर जेल से बाहर आए हैं। शाहजहांपुर में अपने पैतृक गांव कुंडरा में भतीजी की शादी में आए अभिनेता राजपाल यादव फिल्म अता-पता-लापता के निर्माण को लेकर लिए गए लोन पर अपनी बात रख चुके हैं। अब उद्योगपति माधौ गोपाल अग्रवाल ने भी कैमरे के सामने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि राजपाल के कई बार अनुरोध करने पर पांच करोड़ रुपये लोन दिया था। उसके तीन एग्रीमेंट भी हुए थे।
साल 2010 में दिया था लोन
एक न्यूज एजेंसी को दिए साक्षात्कार में माधौ गोपाल अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2010 में राजपाल यादव के अनुरोध पर लोन दिया था। पूरा मामला न्यायालय में चल रहा है। फिल्म की शुरुआत से पहले म्यूजिक लांच के बारे में उन्हें मीडिया के माध्यम से पता चला था। एग्रीमेंट की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्होंने अदालत का रुख किया और फिल्म पर स्टे लग गया। राजपाल यादव के आग्रह पर फिल्म रिलीज से स्टे हटवा दिया था।
'अपने ही रुपयों के लिए बच्चों की तरह रोना पड़ा'
माधौ गोपाल ने बताया कि वह कभी अभिनेता राजपाल यादव के गांव कुंडरा नहीं गए। जब भी बैठक हुई, राजपाल यादव व उनकी पत्नी राधा यादव के मध्य हुई है। इससे पहले एक अन्य चैनल में दिए साक्षात्कार में माधौ गोपाल ने कहा था कि अपने रुपयों के लिए बच्चों की तरह रोना पड़ा। बता दें कि चेक बाउंस मामले में हाल ही में अदालत के आदेश पर राजपाल यादव को सरेंडर करना पड़ा और वे तिहाड़ जेल गए थे। बाद में जमानत पर रिहा हुए हैं।