खुटार। क्षेत्र के लोगों को दो वर्ष पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का तोहफा तो मिल गया, लेकिन सुविधाओं के मामले में अब भी यहां ज्यादा कुछ नहीं है। एक्स-रे मशीन है, लेकिन तकनीशियन की तैनाती नहीं की गई। ऐसे में मशीन धूल फांक रही है। वहीं, अल्ट्रासाउंड मशीन की भी लगातार मांग की जा रही है। इस कारण 59 ग्राम पंचायत और लगभग 80 गांव के लोगों को बेहतर उपचार के लिए जिला मुख्यालय की दूरी नापनी पड़ रही है।
दो दशक पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनवाने की मंजूरी मिली थी। इसके बाद कई माह तक सीएचसी का भवन बनवाने के लिए जमीन की तलाश चली, जो पूरी नहीं हुई। सीएचसी को बंडा में बनवा दिया गया था। इसके बाद लोगों ने फिर से सीएचसी की मांग उठाई। कई चुनावों में भी मुद्दा उठा तो फिर से मंजूरी मिल गई। इसके बाद बमुश्किल नगर में सीएचसी भवन के लिए जमीन मिल पाई। निर्माण कार्य पूरा हुआ और सीएचसी को संचालित हुए दो वर्ष से अधिक का समय भी बीत चुका है। बावजूद अब तक सीएचसी पर एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की मशीन ही नहीं लग सकी। मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है या फिर 53 किमी दूर शाहजहांपुर में राजकीय मेडिकल काॅलेज की दौड़ लगानी पड़ती है। इस संबंध में सीएमओ के नंबर पर कॉल की गई, लेकिन उनकी कॉल रिसीव नहीं हुई।
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कई बार पत्राचार किया जा चुका है। एक्स-रे मशीन मिल भी गई है, लेकिन टेक्नीशियन के नहीं होने के कारण शुरू नहीं हो सकी है। अल्ट्रासाउंड मशीन की भी मंजूरी हो चुकी है। उम्मीद है कि जल्द ही मरीजों को एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सकेगी।
-डॉ. संजीव कुमार, अधीक्षक सीएचसी खुटार